बरेली ओवरहेड टैंक हादसा: अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार निलंबित, जांच के आदेश जारी

बरेली के सरदारनगर में ओवरहेड टैंक गिरने के बाद जल निगम अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को निलंबित कर जांच सौंपी गई। निर्माण में अनियमितता, मिट्टी की जांच न करना और पूर्व लापरवाही के मामले सामने आए। शासन ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की।

Updated : 16 May 2026, 3:35 PM IST
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Bareilly: बरेली के गांव सरदारनगर में ओवरहेड टैंक ढहने के मामले में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विस्तृत जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता को सौंपी गई

जल निगम ग्रामीण की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार को अब बुंदेलखंड क्षेत्र, झांसी कार्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच गोरखपुर के मुख्य अभियंता विक्रम प्रताप सिंह को सौंपी गई है और उनसे 15 जून तक रिपोर्ट मांगी गई है। गंगवार पर अपने कर्तव्यों और दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन न करने का आरोप है।

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ओवरहेड टैंक का निर्माण और हादसा

सरदारनगर गांव में डेढ़ साल पहले जल निगम की ओर से 3.62 करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया था। चार मई की शाम को यह टैंक ढह गया। हादसे में टंकी के पास बैठे गांव के ही डोलीलाल (32), अर्जुन (30), वीरपाल (45), रविंद्र (50) और नन्कू (45) घायल हो गए थे। इनमें चार लोग मामूली रूप से जख्मी हुए थे। इस हादसे ने निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं को उजागर कर दिया।

ताबड़तोड़ कार्रवाई

हादसे के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई की गई। निर्माण संस्था एनसीसी लिमिटेड के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जल निगम ग्रामीण के जेई को निलंबित किया गया, सहायक अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई और एक्सईएन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। थर्ड पार्टी जांच संस्था बीएलजी के बरेली स्थित कर्मचारियों और अधिकारियों को हटाया गया और कंपनी पर जुर्माना भी लगाया गया।

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निर्माण में तकनीकी लापरवाही

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन पूर्णिमा सिंह से हादसे की जांच कराई। इसमें सामने आया कि टैंक बलुई मिट्टी पर बनाया गया था और मिट्टी की जांच नहीं कराई गई थी। हादसे से पहले हुई बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हुआ और टैंक का आधार कमजोर होने से वह धराशायी हो गया। इसके बाद जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन के तहत बन रहे 800 से अधिक टैंकों की जांच के निर्देश दिए।

पूर्व मामलों में भी लापरवाही के आरोप

कुमकुम गंगवार पर मथुरा में अधिशासी अभियंता रहते हुए गोकुल बैराज पार्ट-1 के निर्माण में लापरवाही का भी आरोप है। कृष्णा विहार कॉलोनी में निर्मित जलाशय 30 जून 2024 को क्षतिग्रस्त होकर गिर गया था। जांच में गुणवत्ता खराब होने, अनियमितता और आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप पुष्टि पाए गए। इसी कारण उन्हें दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।

Location :  Bareilly

Published :  16 May 2026, 3:26 PM IST

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