Bareilly: इलाज की उम्मीद लेकर गया था परिवार, मिला सिर्फ दर्द और बेबसी का ठेला!

बरेली के जिला अस्पताल में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे एक परिवार को आखिर क्यों खाली हाथ लौटना पड़ा? क्या अस्पताल में वाकई व्यवस्था इतनी कमजोर है या फिर कुछ और सच्चाई छिपी है?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 16 May 2026, 1:05 PM IST
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Bareilly: बरेली के जिला अस्पताल से सामने आई एक घटना ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बीमार महिला को कथित तौर पर अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिला और हालात इतने बिगड़ गए कि उसके पति रामगोपाल को उसे ठेले पर बैठाकर घर ले जाना पड़ा। Bareilly District Hospital की इमरजेंसी से जुड़ी यह घटना अब जांच के घेरे में है।

“कोई सुनने वाला नहीं था…”

रामगोपाल का कहना है कि वह दिन भर पत्नी की हालत को लेकर परेशान रहे, लेकिन अस्पताल में किसी ने उनकी बात नहीं सुनी। उन्होंने बताया कि सुबह पत्नी अनारा देवी को चोट लगने के बाद पड़ोसियों ने एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया था। दोपहर में जब वह अस्पताल पहुंचे तो पत्नी भर्ती थीं और दवा दी गई थी। लेकिन शाम तक दवा खाली पेट लेने की वजह से वह परेशान थीं। जब उन्होंने स्टाफ से मदद मांगी तो कोई जवाब नहीं मिला। इस अनसुनी के बाद रामगोपाल ने बड़ा फैसला लिया और पत्नी को ठेले पर घर ले आए।

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भूख, दर्द और अनदेखी की कहानी

अनारा देवी ने बताया कि सुबह से उन्होंने कुछ भी नहीं खाया था। डॉक्टर द्वारा दी गई दवा भी उन्होंने भोजन के बिना नहीं ली, क्योंकि इससे तबीयत बिगड़ सकती थी। उनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद न तो भोजन मिला और न ही उचित देखभाल।

उनका दर्द यह भी है कि सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की बात तो की जाती है, लेकिन हकीकत में मरीजों को अक्सर खुद ही जूझना पड़ता है।

आयुष्मान कार्ड के बावजूद इलाज पर सवाल

रामगोपाल ने बताया कि उनके पास आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहले नकद पैसे मांगे जा रहे थे। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि सौ रुपये भी जुटाना मुश्किल था। इस वजह से वे मजबूर होकर सरकारी व्यवस्था पर निर्भर रहे।

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मामले में प्रशासनिक जांच शुरू

घटना के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। डिप्टी सीएम के आदेश पर जांच टीम गठित की गई और अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए गए हैं। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग (Uttar Pradesh Health Department) की ओर से उच्च स्तरीय जांच अधिकारी ने भी मामले की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी और आगे की कार्रवाई तय होगी।

Location :  Bareilly

Published :  16 May 2026, 1:05 PM IST

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