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गोला तहसील परिसर स्थित नायब तहसीलदार उरुवा की अदालत में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसी बात को लेकर दो अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक अधिवक्ता पर कुर्सी का पाया निकालकर हमला करने का आरोप लगा है।
तहसील गोला
Gorakhpur: गोला तहसील परिसर स्थित नायब तहसीलदार उरुवा की अदालत में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब किसी बात को लेकर दो अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक अधिवक्ता पर कुर्सी का पाया निकालकर हमला करने का आरोप लगा है। इस घटना में दोनों अधिवक्ता चोटिल हो गए। मामले को लेकर दोनों पक्षों ने गोला थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी, जिसमें एक पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र के अवरुस गांव निवासी अधिवक्ता रणविजय चंद पुत्र अर्जुन चंद ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह 13 मार्च को अपने एक मुवक्किल के मुकदमे की पैरवी के लिए नायब तहसीलदार उरुवा की अदालत में पहुंचे थे। उसी समय कुशलदेइया गांव निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी पुत्र स्व. गोरखनाथ तिवारी भी कोर्ट में मौजूद थे।
तहरीर के अनुसार, किसी कानूनी बिंदु को लेकर दोनों अधिवक्ताओं के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई। आरोप है कि इसी दौरान मनोज कुमार तिवारी ने रणविजय चंद को भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं। जब रणविजय चंद ने इसका विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि मनोज तिवारी ने पास में पड़ी एक टूटी हुई कुर्सी का पाया निकाल लिया और उससे रणविजय चंद पर हमला कर दिया।
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पीड़ित अधिवक्ता का कहना है कि हमले में उन्हें चोटें आईं और वह कुछ समय के लिए अचेत भी हो गए। घटना के दौरान अदालत परिसर में मौजूद अन्य अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद आरोपी अधिवक्ता मौके से चले गए।
घटना के बाद दोनों पक्ष गोला थाने पहुंचे और लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रणविजय चंद की तहरीर के आधार पर आरोपी अधिवक्ता मनोज कुमार तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (मारपीट) और 110 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संबंध में थाना प्रभारी राकेश रोशन सिंह ने बताया कि पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। समाचार लिखे जाने तक दूसरे पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं हो सका था।