हिंदी
गोरखपुर से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां दिनदहाड़े, पुलिस चौकी उनवल के ठीक सामने एक युवक को उसकी बेरहम पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर किया ये हाल… इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग खुलकर कह रहे हैं, जब पुलिस की चौकी के सामने ही ऐसा हो सकता है तो आम आदमी कहां सुरक्षित है?
सड़क पर लहूलुहान (फोटो सोर्स गूगल)
Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के खजनी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। दिनदहाड़े, पुलिस चौकी उनवल के ठीक सामने एक युवक को उसकी बेरहम पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर इतनी निर्ममता से पीटा कि पूरा इलाका सन्न रह गया। पीड़ित जामवन्त यादव मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, सड़क पर लहूलुहान गिरे, लेकिन न कोई पुलिसकर्मी निकला, न कोई स्थानीय नागरिक आगे बढ़ा। यह घटना न सिर्फ एक पारिवारिक कलह की कहानी है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है - क्या पुलिस चौकी अब सिर्फ दिखावे की दीवार बन गई है?
घटना की पूरी हकीकत चौंकाने वाली है। खजनी थाना क्षेत्र के पूरासपार गांव निवासी जामवन्त यादव पुत्र राम सजीले यादव ने पुलिस को दी तहरीर में खुलासा किया कि उनकी पत्नी पूनम देवी ने अपने कथित प्रेमी सर्वेश यादव और दिनेश यादव (निवासी ग्राम परासिया, थाना हरपुर बुदहट) के साथ मिलकर साजिश रची। पूनम की बहन कौशल्या भी इस वारदात में शामिल थी। सुबह करीब 10:30 बजे जब जामवन्त किसी काम से जा रहे थे और पुलिस चौकी उनवल के सामने से गुजर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। लातें, घूंसे, थप्पड़ और ठंडे हथियारों से जमकर पिटाई की गई। जामवन्त सड़क पर गिर पड़े, दर्द से तड़पते रहे, लेकिन कोई मदद को नहीं आया।
जामवन्त ने बताया, “मैं लगातार चिल्लाता रहा, ‘बचाओ… पुलिस… मदद करो!’ लेकिन पुलिस चौकी के अंदर बैठे कर्मचारी तक बाहर नहीं निकले। कोई भी दर्शक आगे नहीं बढ़ा।” पीड़ित का आरोप है कि यह हमला पारिवारिक रंजिश और पूनम के अवैध संबंधों के कारण हुआ। पूनम पहले से ही उन्हें परेशान कर रही थी और इसी गुस्से में प्रेमी के साथ मिलकर यह साजिश रची गई। मारपीट इतनी भयानक थी कि जामवन्त गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उपचार दिया जा रहा है।
LPG Crises: ‘सिलेंडर गायब’ के नारों से गूंजा मुजफ्फरनगर, कलक्ट्रेट पर अलग अंदाज में प्रदर्शन
इलाके में आक्रोश की लहर दौड़ गई है। स्थानीय लोग खुलकर कह रहे हैं, “जब पुलिस की चौकी के सामने ही ऐसा हो सकता है तो आम आदमी कहां सुरक्षित है? दिनदहाड़े कोई भी बेरहमी कर सकता है, कोई रोकने नहीं आएगा।” ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस की लापरवाही ने अपराधियों को और हौसला दिया।
खजनी पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसआई रामदयाल ने कहा, “सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है। दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई होगी।” प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और उच्च स्तर पर निगरानी शुरू कर दी गई है।
यह घटना सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की चेतावनी है। जहां पुलिस चौकी के सामने कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, वहां आम नागरिक का भरोसा कैसे बचेगा? क्या खजनी पुलिस अब जागेगी या फिर ऐसे मामलों में भी सिर्फ ‘जांच’ का आश्वासन ही देती रहेगी? इलाके के लोग अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं। सिस्टम को जवाब देना होगा क्योंकि यह सिर्फ जामवन्त यादव की पिटाई नहीं, बल्कि कानून की पिटाई है।