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छांगुर बाबा (फाइल फोटो)
Ghaziabad News: मतांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार छांगुर के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। ताजा घटनाक्रम में गाजियाबाद पुलिस के क्राइम ब्रांच प्रभारी इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई मेरठ पुलिस द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें इंस्पेक्टर की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने वर्ष 2019 में मेरठ के सिविल लाइन थाने में तैनाती के दौरान छांगुर बाबा गैंग के गुर्गे बदर अख्तर सिद्दीकी को बचाने की कोशिश की थी। बदर अख्तर पर एक एयर होस्टेस को गायब करने का आरोप था, लेकिन इंस्पेक्टर ने न तो इस मामले की सही से जांच की और न ही पीड़िता के परिजनों की सुनवाई की। उल्टा, उन्हें धमकाकर थाने से भगा दिया गया।
जांच में लापरवाही और गैंग से संबंधों के आरोप
मेरठ पुलिस की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि सिविल लाइन थाने में तैनाती के दौरान इंस्पेक्टर ने जानबूझकर केस की अनदेखी की। रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे समय तक जांच टालते हुए न केवल अपराधियों को संरक्षण दिया गया बल्कि पीड़ितों पर दबाव भी बनाया गया। अब जब छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद पूरा गैंग जांच के घेरे में है, ATS भी इस मामले की परत-दर-परत जांच कर रही है। मेरठ से जुड़े इस पुराने मामले की जांच रिपोर्ट बुधवार को गाजियाबाद पुलिस को भेजी गई, जिसके आधार पर पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए।
पुलिस आयुक्त का बयान
पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने बताया कि मेरठ पुलिस से हमें सूचना मिली कि इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी के खिलाफ पहले से ही विभागीय जांच चल रही थी। उसी जांच में लापरवाही और संदिग्ध संबंधों की पुष्टि होने के बाद निलंबन की सिफारिश की गई थी।
26 जनवरी को मिला था सम्मान
गौर करने वाली बात यह है कि इंस्पेक्टर अब्दुर रहमान सिद्दीकी को पिछले वर्ष 26 जनवरी के मौके पर बेहतर सेवा के लिए सम्मानित किया गया था। इससे पहले वह क्रासिंग रिपब्लिक थाने के प्रभारी भी रह चुके हैं और वर्तमान में गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लेकिन हालिया घटनाक्रम ने उनकी छवि पर गहरा दाग लगा दिया है। जांच के निष्कर्षों के बाद अब यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
छांगुर बाबा और उसका नेटवर्क
गौरतलब है कि छांगुर बाबा पर मतांतरण, मनी लॉन्ड्रिंग और महिला शोषण जैसे गंभीर आरोप हैं। उसके नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोग शामिल रहे हैं। हाल की गिरफ्तारियों और जांच से स्पष्ट होता है कि गैंग का नेटवर्क केवल अपराध तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें कुछ पुलिसकर्मी और अधिकारी भी सहयोगी भूमिका में थे।
Location : Ghaziabad
Published : 24 July 2025, 8:20 AM IST
Topics : chhangur Crime Branch Ghaziabad Money Laundering police