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शुभम जायसवाल और भोला प्रसाद (Img: Google)
Varanasi : जिले अवैध कफ सिरप (Codeine Syrup) कारोबार को लेकर वाराणसी पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। रोहनिया थाना क्षेत्र में कोडीन युक्त कफ सिरप बेचने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। यह गैंग लंबे समय से मिलकर अवैध कारोबार चला रहा था और इससे मोटी कमाई कर रहा था।
रोहनिया थाना प्रभारी राजू सिंह की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में भोला प्रसाद जायसवाल को गैंग का मुखिया बताया गया है। आरोप है कि भोला प्रसाद अपने बेटे शुभम जायसवाल और अन्य साथियों के साथ मिलकर कोडीन वाली कफ सिरप का अवैध व्यापार करता था। पुलिस के मुताबिक यह पूरा काम संगठित तरीके से किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में शुभम जायसवाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि इंटरपोल भी शुभम की गिरफ्तारी के लिए कई देशों से संपर्क में है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह में वाराणसी, चंदौली, कानपुर और गाजियाबाद के लोग शामिल हैं। पुलिस ने जिन लोगों को आरोपी बनाया है। उनमें आजाद जायसवाल, महेश कुमार सिंह, शिवाकांत, स्वप्निल केशरी, दिनेश यादव, आशीष यादव और सौरभ त्यागी के नाम शामिल हैं। पुलिस के अफसर ने बताया कि ये सभी मिलकर अवैध कारोबार को बढ़ा रहे थे।
पुलिस ने नवंबर में रोहनिया क्षेत्र के भदवार गांव में छापेमारी की थी। इस दौरान एक गोदाम से 18,600 फेंसाडिल और 75,150 कफ सिरप की बोतलें बरामद हुई थीं। जांच में इन सिरप में कोडीन की मात्रा पाई गई थी।
पुलिस ने जांच और सबूत जुटाने के बाद कोर्ट से गैंगस्टर एक्ट लगाने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद सभी 9 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
Location : Varanasi
Published : 2 May 2026, 3:25 PM IST