Bareilly: रामगंगा घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

गंगा दशहरा के अवसर पर बरेली के रामगंगा घाट पर आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रशासन की सतर्कता और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 24 June 2026, 6:37 PM IST
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Bareilly: ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर मनाए जाने वाले गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर बरेली के रामगंगा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती गई और देर शाम तक आस्था का यह सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने रामगंगा नदी में स्नान कर मां गंगा का स्मरण किया और पूजा-अर्चना के बाद दान-पुण्य कर अपने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

क्या है गंगा दशहरा का धार्मिक महत्व?

हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से धरती पर अवतरण हुआ था। कहा जाता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के दस प्रकार के पापों का नाश होता है। इसी कारण इस पर्व को गंगा दशहरा कहा जाता है। इसी धार्मिक आस्था के चलते हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी और घाटों पर पहुंचकर स्नान करते हैं। बरेली में भी वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार रामगंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।

 घाट पर दिखा मेले जैसा माहौल

धार्मिक आयोजन के साथ-साथ रामगंगा घाट पर मेले जैसी रौनक भी दिखाई दी। घाट के आसपास प्रसाद, पूजन सामग्री, चाट-पकौड़ी और बच्चों के खिलौनों की दुकानें सजी रहीं। श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मेले का आनंद भी लिया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।

ब्राह्मणों ने कराई पूजा-अर्चना

गंगा दशहरा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। घाट पर मौजूद ब्राह्मणों ने लोगों को पर्व का धार्मिक महत्व बताया और पूजा संपन्न कराई।बिजेंद्र महाराज, शिवकुमार महाराज, राजकुमार महाराज उर्फ नागा बाबा और जसवीर महाराज सहित कई ब्राह्मणों ने श्रद्धालुओं से दक्षिणा और अन्नदान स्वीकार कर उन्हें आशीर्वाद दिया।

दशमी के बाद शुरू हुई एकादशी तिथि

पंचांग के अनुसार दशमी तिथि शाम 6 बजकर 12 मिनट तक रही। इसके बाद एकादशी तिथि का शुभारंभ हो गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दशमी तिथि में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है, इसलिए श्रद्धालुओं ने निर्धारित समय के भीतर धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए।

सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की पैनी नजर

गंगा दशहरा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। SP सिटी मानुष पारीक ने स्वयं रामगंगा घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा रात में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रकाश व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई थी। प्रशासन की सतर्कता के चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

स्थानीय अवकाश के कारण एक दिन बाद खुलेंगे स्कूल

गंगा दशहरा के अवसर पर जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया। इसके चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के खुलने की तिथि में बदलाव किया। पहले परिषदीय विद्यालय 24 जून से खुलने थे, लेकिन अवकाश के कारण अब जिले के सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय 25 जून, गुरुवार से निर्धारित समय पर संचालित होंगे। BSA डॉ. विनीता ने सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों को समय से विद्यालय पहुंचने के निर्देश दिए हैं। गंगा दशहरा के अवसर पर बरेली के रामगंगा घाट पर आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान और पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रशासन की सतर्कता और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफल रहा।

Location :  Bareilly

Published :  24 June 2026, 6:37 PM IST

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