यूपी के कई जिलों में बाढ़ का खतरा, गंगा का भी रौद्र रूप, फर्रुखाबाद से बुंदेलखंड तक अलर्ट, हजारों लोग प्रभावित

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गंगा और दूसरी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का संकट गहरा गया है। फर्रुखाबाद में गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं और 66 गांवों के करीब 60 हजार लोग प्रभावित हैं। कई गांवों के संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं। ग्रामीण नाव और सड़क किनारे शरण लेकर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 25 August 2026, 6:15 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश में बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने अब गांवों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कानपुर, फतेहपुर, कन्नौज, उन्नाव और फर्रुखाबाद में गंगा लगातार उफान पर हैं। फर्रुखाबाद में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं, जहां गंगा चेतावनी बिंदु पार कर चुकी हैं। बाढ़ का पानी 66 से अधिक गांवों तक पहुंच गया है और करीब 60 हजार ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित है। कहीं संपर्क मार्ग पानी में डूब गए हैं तो कहीं कटान तेज हो गया है। कई परिवार घर छोड़कर सड़क किनारे या शरणालयों में रहने को मजबूर हैं। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

गंगा खतरे के निशान तक पहुंचीं

मंगलवार को फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए समुद्र तल से 137.10 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच गया। यही स्तर खतरे के निशान के तौर पर दर्ज है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी के आसपास बसे गांवों में चिंता और बढ़ गई है। नरौरा बांध से गंगा में 1,22,848 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 71,149 क्यूसेक और बिजनौर से 69,977 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे आने वाले समय में गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

रामगंगा का जलस्तर भी बढ़ा

गंगा के साथ रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। रामगंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर बढ़कर 136.20 मीटर पहुंच गया है। हालांकि यह अभी चेतावनी बिंदु से करीब 40 सेंटीमीटर नीचे है। खोह, हरेली और रामनगर से रामगंगा में 4,112 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ के कारण जिले के 66 से अधिक गांवों के करीब 60 हजार लोगों का जनजीवन प्रभावित बताया जा रहा है।

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सड़क किनारे डेरा डालने को मजबूर ग्रामीण

बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद प्रभावित इलाकों के कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। कुछ लोग शरणालयों में रह रहे हैं तो कई परिवार सड़क किनारे डेरा डालकर किसी तरह दिन काट रहे हैं। अमृतपुर क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी की तेज धार बह रही है। इससे गांवों का दूसरे इलाकों से संपर्क प्रभावित होने लगा है। चित्रकूट डिप पर तीन फीट से अधिक पानी बहने के कारण आवागमन बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद कुछ ग्रामीण जोखिम उठाकर पैदल रास्ता पार करते नजर आ रहे हैं।

घरों में घुसा पानी

चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें भी कम नहीं हैं। कई घरों में पानी भर जाने के बाद लोगों ने दोबारा सड़क पर डेरा जमा लिया है। बरुआ संपर्क मार्ग पर बनी पुलिया के दोनों तरफ करीब दो फीट से अधिक पानी तेज धार के साथ बह रहा है। फखरपुर संपर्क मार्ग पर भी करीब तीन फीट पानी बहने से लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। राजेपुर डिप पर भी एक फीट से अधिक पानी पहुंच चुका है। बाढ़ प्रभावित गांवों में बिजली और दूसरी जरूरी सुविधाओं की परेशानी के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि रात में मच्छरों के कारण सोना मुश्किल हो गया है।

नाव के सहारे आवाजाही कर रहे ग्रामीण

शमसाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर चौरा गांव के पास फिर पानी बढ़ने से बाइक सवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़क पर पानी इतना है कि बाइक के साइलेंसर में पानी जाने से वाहन बंद हो रहे हैं। कटरी तौफिक गांव में कटान से ग्रामीणों में डर का माहौल है। कुछ ग्रामीण अपने मकान तोड़कर सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। गांव के रास्तों और घरों में पानी भरने के कारण लोगों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। समैचीपुर चितार में कटान जारी है। पैलानी दक्षिण, भगवानपुर, नगला वसोला के मजरा मुशी नगला और अचानकपुर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

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घरों की छतों पर खाना बना रहे लोग

बाढ़ के कारण कई परिवारों के घरों में पानी भर गया है। ऐसे में लोगों को मजबूरी में घर की छतों पर खाना बनाना पड़ रहा है। तहसील सदर के हैबतपुर गढ़िया गांव में ग्रामीणों ने फोड़े-फुंसी और बुखार जैसी बीमारियां फैलने की शिकायत की है। कटरी धर्मपुर में भी ऐसी ही स्थिति बताई जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावित इलाकों में चिकित्सीय टीमें नियमित रूप से नहीं पहुंच रही हैं। पानी जमा होने और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।

कई जिलों में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

फर्रुखाबाद के अलावा कानपुर, फतेहपुर, कन्नौज और उन्नाव में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्नाव के कई गांवों में बाढ़ के पानी के कारण आवागमन प्रभावित होने लगा है। फतेहपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद तीन गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ाई है। नदियों में लगातार बढ़ रहे पानी के बीच ग्रामीणों को अब जलस्तर और बढ़ने का डर सता रहा है। सबसे बड़ी चुनौती उन परिवारों के सामने है, जिनके घरों में पानी पहुंच चुका है और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने के रास्ते भी प्रभावित हो गए हैं।

Location :  Lucknow

Published :  25 August 2026, 6:15 PM IST

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