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सहकारी चीनी मिल का निरीक्षण
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी विकास की और लगातार आगे बढ़ता जा रहा है, जिसके चलते वहां के निवासी और किसानों को काफी फायदा मिलने वाला है। बता दें कि गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। जिला प्रशासन द्वारा समय से पेराई सत्र (Crushing Session) शुरू कराने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बीते दिन जिला अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने संपूर्णानगर में बैठक कर जनपद की दोनों सहकारी चीनी मिलों बेलरायां चीनी मिल और संपूर्णानगर चीनी मिल की तैयारियों की गहन समीक्षा (In-depth review) की।
बैठक में इन विषयों पर हुई चर्चा
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में चीनी मिलों के आने वाले पेराई सत्र 2025-26 के बजट, गन्ना आपूर्ति व्यवस्था, किसानों की सुविधाओं और मिलों के मरम्मत कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरम्मत और तकनीकी सुधार कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि पेराई कार्य निर्धारित तिथि पर बिना किसी बाधा के शुरू हो सके।
किसी प्रकार की असुविधा न होः डीएम दुर्गा
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने संपूर्णानगर चीनी मिल का स्थलीय निरीक्षण भी किया और वहां चल रहे मरम्मत कार्यों की प्रगति को देखा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। बता दें कि डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा, गन्ना किसानों की आय और सुविधा हमारी प्राथमिकता है। समय से पेराई सत्र शुरू करना और किसानों को सुचारु भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
समय से शुरू होगा पेराई सत्र
बताते चलें कि लखीमपुर खीरी जनपद की दोनों प्रमुख सहकारी चीनी मिलों की तैयारी और प्रशासन की सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि इस बार पेराई सत्र समय से शुरू होगा और किसानों को उनकी उपज का लाभ समय पर मिलेगा। गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश का प्रमुख गन्ना उत्पादक जिला है और यहां की चीनी मिलें प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हाल ही में हुआ था ये भी निरीक्षण
नोडल अधिकारी माला श्रीवास्तव ने सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह के साथ नगर पालिका परिषद लखीमपुर द्वारा संचालित गो आश्रय स्थल खंभारखेड़ा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रय स्थल में मौजूद गोवंशों को हरा चारा और गुड़ खिलाया तथा गोवंश की देखभाल और सुरक्षा व्यवस्था की गहन पड़ताल की।
Location : Lakhimpur Kheri
Published : 28 May 2025, 9:29 AM IST