मानवता की मिसाल: तीन साल से भर्ती टीबी मरीज को मिली सम्मानजनक अंतिम विदाई, अंकुरण परिवार ने निभाया अंतिम फर्ज

सुल्तानपुर में सामाजिक संस्था अंकुरण परिवार ने मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचाररत टीबी पीड़ित निराश्रित व्यक्ति का पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार कराया। संस्था अब तक 70 लावारिस और असहाय शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश कर चुकी है। संस्था का कहना है कि हर व्यक्ति को सम्मानजनक अंतिम विदाई मिलनी चाहिए।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 August 2026, 3:34 PM IST
google-preferred

Sultanpur: जब अपने साथ छोड़ देते हैं, तब कभी-कभी इंसानियत ही सबसे बड़ा सहारा बन जाती है। सुल्तानपुर में एक ऐसा ही भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहां तीन साल से मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करा रहे एक निराश्रित टीबी मरीज की मौत के बाद सामाजिक संस्था अंकुरण परिवार उसके लिए परिवार बनकर सामने आई। संस्था के सदस्यों ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कराया। इस पहल के साथ संस्था ने अब तक 70 लावारिस और असहाय लोगों को सम्मानजनक अंतिम विदाई देने का महत्वपूर्ण पड़ाव भी पूरा कर लिया।

तीन साल से मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा था इलाज

जानकारी के अनुसार, मृतक अपना नाम संजीव उर्फ संजू बताया करता था। करीब तीन वर्ष पहले उसे गोरखपुर से सुल्तानपुर के अमेठा स्थित मानसिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। वह तपेदिक (टीबी) से पीड़ित था और लंबे समय से उपचाराधीन था।

एक पल में छिन गई दो जिंदगियां… तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर ने मचाई तबाही, सुल्तानपुर में दो युवतियों की दर्दनाक मौत

वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद हुआ अंतिम संस्कार

मृत्यु की सूचना मिलने के बाद मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर से प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 5 अगस्त 2026 को हथियानाला स्थित श्मशान घाट पर अंकुरण परिवार के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ दिवंगत का अंतिम संस्कार कराया।

संस्था के सदस्यों ने दी मुखाग्नि

अंतिम संस्कार के दौरान संस्था के सदस्य मो. आरिफ खान और डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से मुखाग्नि देकर संजू को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर अनुराग श्रीवास्तव, बृजेश सिंह, प्रज्ज्वल श्रीवास्तव समेत अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और श्रद्धांजलि अर्पित की।

कौन था वो नकाबपोश हमलावर…. सुल्तानपुर में देर रात गूंजी गोलियां, पुरानी रंजिश को लेकर हुआ जानलेवा हमला

70 लावारिस शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार

अंकुरण परिवार के मीडिया प्रभारी दीपक जायसवाल ने बताया कि संस्था वर्षों से ऐसे लोगों के अंतिम संस्कार का दायित्व निभा रही है, जिनके अंतिम समय में कोई अपना साथ नहीं होता। संस्था अब तक 70 लावारिस और निराश्रित शवों का पूरे सम्मान और धार्मिक परंपराओं के साथ अंतिम संस्कार करा चुकी है।

'मानवता ही परिवार बन जाती है'

दीपक जायसवाल ने कहा कि संस्था का मूल मंत्र है- जिसकी अंतिम यात्रा में कोई अपना न हो, वहां मानवता ही परिवार बन जाती है।" इसी सोच के साथ अंकुरण परिवार वर्षों से निस्वार्थ भाव से समाज सेवा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी संस्था सेवा, संवेदना और मानवता के इस अभियान को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी, ताकि कोई भी व्यक्ति इस दुनिया से बिना सम्मान के विदा न हो। संस्था का मानना है कि "मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।"

Location :  Sultanpur

Published :  6 August 2026, 3:34 PM IST

Related News

Advertisement