दीपक नागर हत्याकांड इनसाइड स्टोरी: हत्यारों ने सोचा- बाप तो कुछ दिनों बाद अपने आप मर जाएगा, इसलिए बेटे को मार दो

ग्रेटर नोएडा के वैदपुरा गांव में दीपक नागर हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पहले पिता अशोक नागर को मारने की योजना बनाई थी, लेकिन कैंसर से पीड़ित होने की जानकारी मिलने पर बेटे दीपक को निशाना बना लिया। 14 साल पुरानी रंजिश में हुई इस हत्या से गांव में मातम पसरा है।

Updated : 24 May 2026, 9:35 AM IST
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Noida: ग्रेटर नोएडा के वैदपुरा गांव में दीपक नागर हत्याकांड मामले में बड़े-बड़े खुलासे हो रहे हैं। डाइनामाइट न्यूज़ की टीम पहले दिन से ही ग्राउंड रिपोर्टिंग कर मामले की पूरी तरीके से तहकीकात कर रही है। अब इस मामले में एक नया और हैरान का देने वाला खुलासा हुआ है।

जब पिता की हत्या करनी थी तो बेटे को गोली क्यों मारी?

डाइनामाइट न्यूज़ की तहकीकात में पता चला है कि दीपक के पिता अशोक नागर कैंसर से पीड़ित है। गांव के सूत्रों का कहना है कि आरोपी पहले अशोक नागर की हत्या करना चाहते थे, लेकिन उनको जब पता चला कि अशोक खुद कैंसर से पीड़ित है तो आरोपियों ने अशोक को छोड़कर दीपक नागर को मौत के घाट उतारने का फैसला किया। आरोपियों ने सोचा कि जब अशोक खुद कैंसर से पीड़ित है तो वह कुछ दिन ही जिंदा रह पाएगा, इसलिए उसके बेटे दीपक की हत्या कर दो।

इसी वजह से अशोक के बजाय आरोपियों ने दीपक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। दीपक की छाती में 6 गोलियां मारी गई। जब वह रात को ड्यूटी के लिए जा रहा था तो हत्यारों से घेरकर गोलियों से भूनकर दीपक को मौत के घाट उतार दिया।

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पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं पीड़ित परिवार

इस हत्याकांड के बाद दीपक के घर पर पुलिस का सख्त पहरा है। एक तरफ पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि दूसरी तरफ दीपक के घर वालों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है, जो मुख्य आरोपी हैं उनको अभी तक पुलिस ढूंढ नहीं पाई। पीड़ित परिवार ने गांव के ही निवासी कल्लू के दोनों बेटों पर हत्या का आरोप लगाया है।

कैसे हुई 14 साल पहले रंजिश शुरू?

मामला आपसी रंजिश का था। करीब 14 साल पहले कल्लू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में कल्लू के परिजनों को लगा कि उनकी हत्या अशोक ने की है। अशोक के खिलाफ इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। अशोक के अलावा दो अन्य लोग भी आरोपी बनाए गए। जब कोर्ट में केस विचाराधीन था तो एक व्यक्ति की मौत हो गई, दूसरे व्यक्ति को उम्र कैद की सजा हो गई और सबूत नहीं मिलने पर अशोक को बरी कर दिया गया।

ग्रेटर नोएडा दीपक नागर हत्याकांड में इनसाइड स्टोरी, किसकी मौत का बदला लिया गया? 14 साल पहले लिखी गई थी हत्या की कहानी

कोर्ट के फैसले से कल्लू के घर वाले खुश नहीं थे। उनको लगा था कि कोर्ट ने गलत फैसला सुनाया है। इसी वजह से अशोक से बदला लेने के लिए उसके बेटे दीपक नागर की हत्या कर दी। अब गांव में मातम छाया हुआ है और हर एक व्यक्ति सवाल पूछ रहा है कि क्या 14 साल पुरानी रंजिश के बदले किसी का भाई, किसी का बेटा या किसी का भतीजा मारना जरूरी था?

Location :  Noida

Published :  24 May 2026, 9:03 AM IST

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