ग्रेटर नोएडा दीपक नागर हत्याकांड में इनसाइड स्टोरी, किसकी मौत का बदला लिया गया? 14 साल पहले लिखी गई थी हत्या की कहानी

ग्रेटर नोएडा में हुई एक हत्या ने 14 साल पुरानी दुश्मनी की ऐसी परतें खोल दी हैं, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। गांव में वर्षों पहले हुई एक मौत, अदालत का फैसला और फिर अचानक हुई फायरिंग… कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लग रही है। सवाल यह है कि क्या पुरानी रंजिश ने एक और जिंदगी छीन ली?

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 23 May 2026, 5:27 PM IST
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Greater Noida: अब इस दुनिया में 28 साल का दीपक नागर नहीं है। गांव के ही लोगों ने खून के बदले खून से उसकी हत्या कर दी। दीपक नागर की हत्या उस दिन ही वैदपुरा गांव की घटना में लिखी जा चुकी थी, जब कल्लू की लाश मिली थी। वर्ष 2011 में हुई उस घटना से किसी ने अंदाजा तक नहीं लगाया कि आखिरकार एक दिन दीपक भी इस रंजिश का हिस्सा बन जाएगा और मर्डर हो जाएगा।

कल्लू की लाश मिलने के बाद शुरू हुई रंजिश

बताया जा रहा है कि दीपक के पिता का नाम अशोक नागर है। अशोक नागर ने वर्ष 2011 में वैदपुरा गांव के ही निवासी कल्लू ने भूसा खरीदा था, जिसकी कीमत करीब 80 हजार रुपये थी। अशोक और कल्लू के बीच इस लेन-देन को लेकर विवाद हो गया। विवाद के 2-3 दिन बाद कल्लू की लाश मारीपत रेलवे स्टेशन के पास मिली थी।

कब से शुरू हुई असली कहानी?

इस मामले में कल्लू के भाई धीरज सिंह ने बिसरख थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। धीरज ने 2011 में मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया था कि 29 मार्च 2011 में उनका भाई कालूराम उर्फ कल्लू स्कूल में चपरासी की नौकरी के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा, इसी बीच कल्लू की लाश मिल गई। इस मामले में धीरज ने गांव के ही निवासी अशोक, महेंद्र और धर्मवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया।

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परिजनों को नहीं पसंद आया कोर्ट का फैसला

इस केस के दौरान महेंद्र की मौत हो गई थी और 6 जनवरी 2026 को कोर्ट के फैसले में आरोपी धर्मवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। वहीं, अशोक को सबूतों का आभाव में बरी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले से गांव में जहां लोगों को लगने लगा कि अब शांति हो जाएगी, क्योंकि सालों से चल रहे विवाद का अंतिम फैसला आ गया तो वहीं कल्लू के परिजनों को कोर्ट का यह फैसला पसंद नहीं आया।

अंत में खून से लिया खून का बदला

इसी के चलते कल्लू के परिजनों ने बदला लेने की नियत से दीपक नागर की हत्या करने का फैसला लिया। जब 20 मई 2026 की रात को अशोक का बेटा दीपक नागर ड्यूटी के लिए घर से निकला तो आरोपियों ने गोलियों से भूनकर उसको मौत के घाट उतार दिया। जिसको पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है।

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6 आरोपी पहुंचे जेल, लेकिन...

दीपक नागर हत्याकांड में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब इसमें सवाल खड़ा होता है कि क्या जनता को अब कोर्ट के फैसलों पर विश्वास नहीं रहा? पिता की रंजिश का बदला उसके बेटे दीपक नागर की हत्या से लेना जरूरी था? इस हत्याकांड ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Greater Noida

Published :  22 May 2026, 2:51 PM IST

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