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लालगंज के सेमपरपहा गांव में लाखों रुपये की लागत से निर्मित हाट पैठ बदहाली का शिकार है। लोकार्पण के लगभग ढाई साल बीत जाने के बावजूद यहां बाजार नहीं लग सका है। परिणामस्वरूप परिसर अब टूटे चबूतरों और खरपतवार से भरा पड़ा है।
हाट पैठ बदहाली का शिकार
Raebareli: लालगंज के सेमपरपहा गांव में लाखों रुपये की लागत से निर्मित हाट पैठ बदहाली का शिकार है। लोकार्पण के लगभग ढाई साल बीत जाने के बावजूद यहां बाजार नहीं लग सका है। परिणामस्वरूप परिसर अब टूटे चबूतरों और खरपतवार से भरा पड़ा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार यह हाट पैठ लालगंज-फतेहपुर मुख्य मार्ग के किनारे स्थित है। पहले सड़क किनारे बाजार लगने के कारण कई हादसे हो चुके थे। इन्हीं दुर्घटनाओं को रोकने और किसानों की सुविधा के लिए राज्य कृषि मंडी परिषद, निर्माण खंड लखनऊ द्वारा गणेशन मंदिर के पास इस हाट पैठ का निर्माण कराया गया था।
राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने 30 मई 2023 को इसका लोकार्पण किया था। किसानों की सहूलियत के लिए इसमें टिन शेड युक्त दो चबूतरे, पेयजल, प्रकाश और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
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हालांकि, लोकार्पण के ढाई साल बाद भी हाट पैठ का कोई उपयोग नहीं हो रहा है। परिसर में बड़ी-बड़ी घास उग आई है और एक चबूतरे की फर्श भी टूट गई है। भवन का उचित अनुरक्षण भी नहीं हो पा रहा है। आसपास का दृश्य अब अव्यवस्थित और उपेक्षित नजर आता है।
इस संबंध में मंडी समिति लालगंज के सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि हाट पैठ का निर्माण कर ग्राम सभा को हैंडओवर कर दिया जाता है। इसके बाद बाजार लगवाने और परिसर के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम सभा की होती है।
अतुल मिश्रा के अनुसार, मंडी समिति का कार्य केवल निर्माण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। बाजार का संचालन और हाट पैठ का उपयोग सुनिश्चित करना ग्राम पंचायत के अधीन आता है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि इस हाट पैठ का बंद पड़ा होना उन्हें काफी परेशानी में डाल रहा है। अब उन्हें दूर-दूर तक जाना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों की बर्बादी हो रही है। वहीं, सड़क किनारे पुराने बाजारों की तरह कोई सुरक्षित विकल्प उपलब्ध नहीं है।
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लालगंज के सेमपरपहा हाट पैठ का निर्माण एक सकारात्मक पहल थी, लेकिन लंबे समय तक बंद रहने और रखरखाव न होने के कारण यह उद्देश्यपूर्ण नहीं हो पाया। अगर ग्राम सभा जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो यह हाट पैठ पूरी तरह से अनुपयोगी साबित हो सकता है।