मुजफ्फरनगर में मोबाइल छोड़ो जागरूकता रैली, बच्चे बोले- हमें इससे बचा लो

श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के छात्रों ने नगर में मोबाइल छोड़ो जागरूकता रैली निकाली। बच्चों ने काली पट्टी और काले झंडों के साथ स्लोगन लिखी तख्तियां उठाकर मोबाइल की लत से होने वाले नुकसान के प्रति समाज को जागरूक किया।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 19 February 2026, 6:00 PM IST
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Muzaffarnagar: नगर की सड़कों पर जब सैकड़ों स्कूली बच्चे माथे पर काली पट्टी और हाथों में काले झंडे लेकर उतरे तो हर कोई चौंक गया। पहली नजर में लगा जैसे कोई बड़ा विरोध-प्रदर्शन हो रहा हो, लेकिन यह किसी सरकार या व्यक्ति के खिलाफ आंदोलन नहीं था। ये मासूम अपने ही भविष्य को बचाने की लड़ाई लड़ रहे थे। बच्चों का संदेश साफ था कि 'हमें मोबाइल की लत से बचा लो, हमें फिर से किताबों और खेल के मैदान तक लौटा दो।'

नगर में गूंजा मोबाइल विरोधी संदेश

श्री गिरधारी लाल जैन मेमोरियल पब्लिक स्कूल के सैकड़ों बच्चों ने नगर में जागरूकता रैली निकाली। बच्चों के हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां थीं जिन पर लिखा था, “मां मुझे मोबाइल से बचा लो”, “छोटे हाथों में किताबें अच्छी लगती हैं, मोबाइल नहीं” और “मोबाइल स्क्रीन नहीं, सपनों को छूना है।” इन संदेशों के जरिए बच्चे यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि कम उम्र में मोबाइल की आदत उनके स्वास्थ्य और भविष्य दोनों को नुकसान पहुंचा रही है।

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रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर प्रेमपुरी, हनुमान चौक, भगत सिंह चौक और शिव चौक से होते हुए नगर के विभिन्न इलाकों में पहुंची। रास्ते में बच्चों ने दुकानदारों और राहगीरों को भी पर्चे और संदेश देकर जागरूक किया। इस दौरान मोबाइल की डमी को गुब्बारों में बांधकर आसमान में उड़ाया गया। जिससे प्रतीकात्मक रूप से बच्चों को मोबाइल से दूर रहने का संदेश दिया जा सके।

प्रिंसिपल ने जताई चिंता

स्कूल की प्रिंसिपल अलका जैन ने कहा कि मोबाइल फोन अब सिर्फ व्यक्तिगत समस्या नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि दो-दो साल के बच्चों के हाथ में भी मोबाइल थमा दिया जाता है, जो धीरे-धीरे लत में बदल जाता है। इससे बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है, चश्मे लग रहे हैं, याददाश्त घट रही है और पढ़ाई से ध्यान हट रहा है। उन्होंने अभिभावकों से खास अपील की कि वे बच्चों के सामने मोबाइल का कम से कम इस्तेमाल करें, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे घर में देखते हैं।

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बच्चों ने खुद कबूली परेशानी

रैली में शामिल छात्र अंशुमन सैनी ने बताया कि देर रात तक मोबाइल देखने से आंखों पर बुरा असर पड़ रहा है और माइग्रेन जैसी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि कई बच्चे मोटे चश्मे लगाने को मजबूर हैं और चिड़चिड़ापन बढ़ रहा है। बच्चों ने खुद यह स्वीकार किया कि मोबाइल की लत उनके करियर पर असर डाल रही है और इसलिए वे इस मुहिम के जरिए बदलाव चाहते हैं।

Location : 
  • Muzaffarnagar

Published : 
  • 19 February 2026, 6:00 PM IST

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