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चंदौली में कोडीनयुक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। समृद्धि इंटरप्राइजेज और विष्णु मेडिकल हाल की जांच की गई। लंबे समय से बंद पड़े समृद्धि इंटरप्राइजेज के शटर को ताला तोड़कर निरीक्षण किया गया।
फर्म की मालकिन ने दी जानकारी
Chandauli: कोडीन युक्त कफ सीरप के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो फर्जी दवा फर्मों की जांच शुरू कर दी है। पहली कार्रवाई समृद्धि इंटरप्राइजेज के खिलाफ की गई। जांच टीम ने लंबे समय से बंद पड़े दुकान के शटर का ताला तोड़कर निरीक्षण किया। यह कार्रवाई मकान मालकिन की मौजूदगी में की गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, समृद्धि इंटरप्राइजेज मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के पड़ाव इलाके में स्थित आकाश प्लाजा कटरा में संचालित हो रही थी। फर्म 2022 में पंजीकृत हुई थी, लेकिन संचालन फर्जी पाए जाने के संकेत मिले हैं। मकान मालकिन पूनम अरोड़ा के अनुसार, संचालक केवल कभी-कभार ही दुकान पर आता था और महीनों तक दुकान बंद रहती थी। बोर्ड लगाकर फोटो खिंचवाने के बाद संचालक गायब हो जाता था।
एक दिन पहले प्रशासन ने विष्णु मेडिकल हाल की भी जांच की थी। जांच टीम ने समृद्धि इंटरप्राइजेज की स्थिति का भी आकलन किया। जांच के दौरान पता चला कि फर्म संचालक लंबे समय से अपने संचालन स्थल पर नहीं दिखे। इसके अलावा, संचालक के फर्जी पंजीकरण और अवैध कारोबार की संभावना पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
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समृद्धि इंटरप्राइजेज की पंजीकरण रिपोर्ट के अनुसार, यह फर्म वाराणसी के हबीबपुर इलाके की निवासी अंजलि रानी कसेरा, पत्नी प्रशांत कुमार के नाम पर पंजीकृत थी। प्रशासन ने बताया कि जांच में अगर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि पाई जाती है, तो कानूनी कार्रवाई के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जांच अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की फर्जी दवा फर्में आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में ऐसी फर्मों की पहचान और निगरानी बढ़ाने के लिए विशेष टीम का गठन किया जाएगा।
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फर्म की बंद दुकान और संचालक की लापरवाही प्रशासन के लिए गंभीर संकेत हैं। अधिकारी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि फर्म के द्वारा अवैध रूप से कोडीनयुक्त कफ सीरप की सप्लाई किस तरह से की जा रही थी। मकान मालकिन पूनम अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने कई बार संचालक से संपर्क किया, लेकिन जवाब नहीं मिला।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध दवा कारोबार के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई और कड़ी होने की संभावना जताई जा रही है। स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।