बदायूं में एनकाउंटर के बाद अस्पताल की इमरजेंसी पुलिस के कब्जे में, इलाज न मिलने से तड़पते रहे मरीज

जनपद में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आरोप है कि घायल बदमाश को अस्पताल लाने के बाद पुलिस ने घंटों तक इमरजेंसी का गेट बंद रखा।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 July 2026, 12:18 AM IST
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Budaun: जनपद में पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आरोप है कि घायल बदमाश को अस्पताल लाने के बाद पुलिस ने घंटों तक इमरजेंसी का गेट बंद रखा, जिसके चलते इलाज के इंतजार में अन्य मरीज तड़पते रहे। पुलिस की इस कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बिजनौर हाईवे स्थित प्रस्तावित नई जेल के पास की है। यहां पुलिस और बदमाशों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में एक दरोगा और एक सिपाही को गोली लगी, जबकि पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक बदमाश भी घायल हो गया।

सभी घायलों को तत्काल बदायूं जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल बदमाश के पहुंचते ही पुलिस ने इमरजेंसी के मुख्य गेट को अंदर से बंद कर दिया।

इलाज के अभाव में बैठे मरीज

घंटों बंद रहा इमरजेंसी का गेट, बाहर तड़पते रहे मरीज

इमरजेंसी बंद होने का खामियाजा उन मरीजों को भुगतना पड़ा जो पहले से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। घंटों तक मरीज और उनके तीमारदार गेट के बाहर इलाज के लिए गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने किसी की नहीं सुनी। कई मरीज दर्द से कराहते नजर आए। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बाहर तड़प रहे मरीजों की तरफ ध्यान तक नहीं दिया।

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एक बदमाश ढेर, दरोगा-सिपाही का इलाज जारी

अस्पताल में इलाज के दौरान गोली लगने से घायल बदमाश की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस शव के पोस्टमार्टम की तैयारी कर रही है। वहीं मुठभेड़ में घायल दरोगा और सिपाही का जिला अस्पताल में ही इलाज चल रहा है। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

एनकाउंटर के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इमरजेंसी जैसी अति-आवश्यक सेवा को घंटों बंद रखना मानवता के खिलाफ माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चाहती तो सुरक्षा के बीच अन्य मरीजों का इलाज जारी रख सकती थी। इमरजेंसी बंद करने से कई गंभीर मरीजों की जान भी जोखिम में पड़ सकती थी। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर

बदायूं-बिल्सी मार्ग पर प्रस्तावित नई जेल की भूमि के निकट वाहन चेकिंग के दौरान सिविल लाइंस थाना पुलिस की मुठभेड़ हुई, हापुड़ जनपद का मूल निवासी संभल जनपद में रह रहा जितेंद्र उर्फ ढिल्लू को गोली लगी। डॉक्टर ने जितेंद्र उर्फ ढिल्लू मृत घोषित किया, सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार और सिपाही अविनाश घायल हुए हैं। जितेंद्र उर्फ ढिल्लू कस्बा इस्लामनगर में हुई डकैती में वांछित था।

Location :  Budaun

Published :  2 July 2026, 12:13 AM IST

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