हिंदी
मैनपुरी में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर 2.26 लाख नाम अस्थायी रूप से हटाए गए हैं। डीएम ने कहा कि फरवरी तक प्रक्रिया जारी रहेगी और फॉर्म-6 से नाम जुड़ सकता है।
मैनपुरी में SIR को लेकर बड़ा अपडेट
Mainpuri: जनपद मैनपुरी में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर प्रशासन की ओर से बड़ा अपडेट सामने आया है। जिला अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से जुड़ा कार्य अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और यह प्रक्रिया फरवरी माह तक लगातार जारी रहेगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया है, लेकिन अंतिम सूची जारी होने से पहले अभी कई स्तरों पर जांच और सुनवाई की प्रक्रिया शेष है।
जिला अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में यह आकलन किया जा रहा है कि मतदाता सूची में दर्ज कितने मतदाता वास्तव में उपलब्ध हैं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कितने मतदाताओं ने गणना प्रपत्र, जिसे इनोवेशन फॉर्म कहा जा रहा है, भरकर जमा किया है और कितनों ने अब तक यह फॉर्म वापस नहीं किया है। प्रशासन इस प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से ले रहा है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाई जा सके।
डीएम ने बताया कि विशेष रूप से वर्ष 2003 की विशेष पुनरीक्षण वोटर लिस्ट और वर्ष 2025 की वोटर लिस्ट के बीच आपसी संबंध स्थापित करने का कार्य किया जा रहा है। जिन मतदाताओं की मैपिंग इन दोनों सूचियों के बीच नहीं हो पाई है, उनके मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अपात्र या फर्जी नामों को हटाया जा सके और वास्तविक मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें।
आज जनपद में मतदाता सूची के ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया गया। इस ड्राफ्ट सूची में उन मतदाताओं के नाम अस्थायी रूप से हटा दिए गए हैं, जिनसे बार-बार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा संपर्क किए जाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। साथ ही जिन लोगों ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किया, उनके नाम भी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी तरह नियमानुसार की गई कार्रवाई है।
जिला अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि जिन मतदाताओं की पारिवारिक मैपिंग स्पष्ट नहीं हो पाई है, जैसे माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी से संबंध स्थापित नहीं हो सका है, उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस जारी करने के बाद संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा। सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि नाम वोटर लिस्ट में रहेगा या हटाया जाएगा।
Encounter in UP: मैनपुरी में देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट, पुलिस मुठभेड़ में शातिर बदमाश को लगी गोली
अगर आंकड़ों की बात करें तो जनपद मैनपुरी में मूल रूप से 1403413 मतदाता दर्ज थे। वहीं 2,26,875 ऐसे मतदाता पाए गए हैं जिन्होंने अब तक गणना प्रपत्र वापस नहीं किया। इसी वजह से इन सभी के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इन आंकड़ों ने प्रशासन और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा को तेज कर दिया है।
हालांकि जिला प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनके लिए रास्ते पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को वैध मतदाता मानता है तो वह फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकता है। इसके लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा।