प्रयागराज से बड़ी खबर: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में घुसपैठ की कोशिश, सामने आया हाथापाई का Video

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हुए हंगामे के बाद संत ने पुलिस को तहरीर देकर अपनी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा की मांग की है। घटना से मेला क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 24 January 2026, 11:18 PM IST
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Prayagraj: प्रयागराज में आस्था के सबसे बड़े आयोजन के बीच उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक प्रमुख संत के शिविर के बाहर अराजकता और हिंसा की स्थिति बन गई। मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर से जुड़ा है, जहां असामाजिक तत्वों की मौजूदगी, जबरन घुसपैठ और हाथापाई की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संत ने खुद को, शिविर में रह रहे श्रद्धालुओं को और संपत्ति को खतरे में बताते हुए पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिविर के बाहर कैसे भड़का विवाद

घटना प्रयागराज के सेक्टर चार, त्रिवेणी मार्ग उत्तरी पटरी पर स्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर की है। तहरीर के मुताबिक शाम करीब 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ असामाजिक तत्व शिविर के बाहर पहुंच गए। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे और वे भगवा झंडा लिए हुए थे। आरोप है कि बाहर से आए कुछ युवक जबरन शिविर में प्रवेश करने लगे और माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की।

सेवकों से हाथापाई-नारेबाजी का आरोप

स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब शिविर में मौजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सेवकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हो गई। आरोप है कि उपद्रव करने आए लोगों ने आपत्तिजनक नारे भी लगाए, जिससे शिविर में मौजूद श्रद्धालुओं में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में सेवकों ने किसी तरह हंगामा कर रहे लोगों को शिविर से बाहर निकाला।

थाना अध्यक्ष को दी गई तहरीर

घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से कल्पवासी थाना अध्यक्ष को तहरीर दी गई। इस तहरीर में उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि उन्हें खुद अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। साथ ही शिविर में रह रहे श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति को भी गंभीर खतरा बताया गया है। तहरीर शिविर व्यवस्थापक पंकज पांडेय की ओर से दी गई है।

सुरक्षा और एफआईआर की मांग

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चेतावनी दी है कि यदि शरारती तत्व दोबारा शिविर में घुसने की कोशिश करते हैं तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शिविर परिसर और आसपास पर्याप्त सुरक्षा बल की तैनाती की मांग भी की गई है। यह भी कहा गया है कि भविष्य में यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी मेला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की होगी।

पहले से चल रहा है विवाद

बताया जा रहा है कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर पालकी के साथ स्नान के लिए जाने से रोके जाने के बाद से ही विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसी कारण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पिछले सात दिनों से अपने शिविर के बाहर बैठे हुए हैं। ताजा घटना के बाद वे पालकी से उतरकर वैनिटी वैन में चले गए हैं। शिविर संचालकों का दावा है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद है।

Location : 
  • Prayagraj

Published : 
  • 24 January 2026, 11:18 PM IST

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