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बांदा पुलिस ने कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त टीम के द्वारा एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया। दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से ₹1,12,500 के नकली ₹500 के नोट और अन्य जाली मुद्रा बनाने वाली सामग्री जब्त की गई।
बांदा पुलिस का बड़ा ऑपरेशन
Banda: बांदा पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए एक अंतरजनपदीय नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह का भंडाफोड़ कोतवाली नगर और एसओजी की संयुक्त टीम ने किया, जिसमें दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने भारी मात्रा में जाली करेंसी और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने ₹1,12,500 के नकली भारतीय मुद्रा नोट और अन्य कई सामान जब्त किए।
बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध व्यक्ति नकली भारतीय मुद्रा लेकर आ रहे हैं। इनका इरादा बाजार में नकली नोट चलाने का था। पुलिस ने तुरंत कनवारा चौराहे के पास संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग शुरू की। जब इन दो व्यक्तियों से पूछताछ की गई, तो वे पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही पकड़ लिया।
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पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली, तो उनके पास से ₹500 के 225 नकली भारतीय मुद्रा नोट बरामद किए गए। ये सभी नोट एक ही सीरियल नंबर पर थे, जो यह दर्शाता है कि ये सुनियोजित तरीके से तैयार किए गए थे। इसके अलावा, तलाशी में नकली नोट बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री भी बरामद की गई, जिसमें प्रिंटर, इंक, कटर, ब्रश, PVC शीट और अन्य उपकरण शामिल थे। यह साबित करता है कि इन लोग नकली नोटों का उत्पादन कर रहे थे और इन्हें बाजार में खपाने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि वे असली ₹500 के नोटों की नकल कर रहे थे और इन नकली नोटों को बाजार में चलाने की योजना बना रहे थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उनके पास से बरामद नकली नोटों को बड़े पैमाने पर फैलाने की तैयारी चल रही थी। इस गिरोह के अन्य सदस्य और नेटवर्क की जानकारी अब पुलिस द्वारा इकट्ठा की जा रही है, जिससे पुलिस को इस अपराध को और व्यापक रूप से पकड़ने में मदद मिलेगी।
पुलिस ने गिरोह के अन्य सहयोगियों और पूरे नेटवर्क के बारे में जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह केवल बांदा तक सीमित नहीं था, बल्कि कई अन्य जिलों में भी इनका नेटवर्क फैला हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बांदा पुलिस इस प्रकार के अपराधों पर कड़ी नजर रखे हुए है और इसे समाप्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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पुलिस ने बड़े पैमाने पर जाली मुद्रा बनाने के उपकरण और नकली नोटों को बरामद किया है। बरामद सामग्री में ₹500 के 225 नकली भारतीय मुद्रा नोट, जिनकी कुल कीमत ₹1,12,500 है, शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 2 भारतीय मुद्रा (₹500) के नोट जो सैम्पल के रूप में प्रयुक्त हुए थे, 1 प्रिंटर, 1 इमल्शन, 2 बेनासाई, 3 पीवीसी डिब्बे, 3 इंक और A4 साइज पेपर, 2 मोबाइल फोन, 1 पारदर्शी शीशा, कटर, फ्रेम, टेप, ब्रश और अन्य जाली मुद्रा बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। राजाराम (पुत्र अयोध्या), निवासी उटियां, थाना कबरई, जनपद महोबा और राहुल सिंह (पुत्र राजू सिंह), निवासी पिडारी, थाना कबरई, जनपद महोबा आरोपी हैं।