हिंदी
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रयागराज जोन ज्योति नारायण ने बुधवार को पुलिस लाइन बांदा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र राजेश एस. और पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल भी मौजूद रहे।
त्योहारों से पहले प्रशासन सख्त
Banda : अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रयागराज जोन ज्योति नारायण ने बुधवार को पुलिस लाइन बांदा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र राजेश एस. और पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान एडीजी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट आरक्षियों से संवाद करते हुए उन्हें संवेदनशीलता, धैर्य और सदाचारपूर्ण व्यवहार अपनाने की सीख दी तथा प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया।
निरीक्षण के बाद पुलिस लाइन सभागार में समस्त राजपत्रित अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडीजी ने आगामी महाशिवरात्रि, होली, रमजान, ईद-उल-फितर और रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, नियमित पैदल गश्त और प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने पर बल दिया।
गोरखपुर: बारात की खुशियां मातम में बदलीं, मामूली विवाद में हुआ ये बड़ा कांड
एडीजी ने लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण, वांछित एवं इनामी अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा महिला एवं साइबर अपराधों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी आवश्यक है, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर समय रहते नियंत्रण किया जा सके।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एडीजी ने महिला हेल्पडेस्क, एंटी रोमियो स्क्वॉड और बीट पुलिसिंग को सक्रिय एवं प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही जनसुनवाई के दौरान आमजन के साथ शालीन व्यवहार रखने और उनकी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण और समीक्षा बैठक के माध्यम से एडीजी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें, जिससे जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे और आम नागरिक सुरक्षित महसूस करें।