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जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और सरकारी दावों की हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शुक्रवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों पर हड़कंप मच गया।
सीएमओ ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लिया एक्शन
Balrampur: जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने और सरकारी दावों की हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शुक्रवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान भारी लापरवाही उजागर हुई, जिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए सीएमओ ने तीन चिकित्सा अधिकारियों सहित छह कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है।
सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी सबसे पहले नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खलवा पहुंचे, जहाँ तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. एकता श्रीवास्तव और डॉ. सुरेन्द्र दुबे बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से गायब मिले। इसके बाद उन्होंने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अचलापुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बलरामपुर का रुख किया। पीएचसी बलरामपुर में अव्यवस्था का आलम यह था कि यहाँ तैनात डॉ. नमिता, वरिष्ठ सहायक सौरभ चंद्र दुबे और एलएचवी पुष्पलता श्रीवास्तव व रुक्मणि पाण्डेय भी अपनी ड्यूटी पर मौजूद नहीं थीं।
अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की अनुपस्थिति को बेहद गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने मौके पर ही सभी अनुपस्थित कर्मियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना प्राथमिकता है, जिसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता अक्षम्य है।
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निरीक्षण के दौरान सीएमओ के साथ जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, डॉ. पल्लवी मिश्रा और फार्मासिस्ट समीर सिद्दकी भी मौजूद रहे। डॉ. रस्तोगी ने चेतावनी देते हुए कहा, यह केवल शुरुआत है। जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर समयबद्ध उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा। काम में लापरवाही करने वाले कर्मचारी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।