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बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो साइबर क्राइम में उपयोग होने वाले दस्तावेजों को साइबर ठगी करने वाले गिरोह तक पहुंचाते थे। इन गिरोह के सदस्यों ने चार महीनों में साइबर ठगी कर एक करोड़ रुपए से अधिक फेसलेस ट्रांजैक्शन 16 खातों में करवाए है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह जानकारी देते हुए एसपी विकास कुमार ने बताया कि थाना ललिया क्षेत्र की पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगों को अवैध तरह से पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड व मोबाइल सिम उपलब्ध करवाते थे।
उप निरीक्षक की सूचना पर हुई कार्यवाही
एसपी विकास कुमार ने बताया कि थाना ललिया में उप निरीक्षक बब्बन यादव ने तहरीर दी कि थाना क्षेत्र में सत्यदेव सहित अन्य पांच लोगों द्वारा आम जनता को गुमराह कर साइबर ठगों उनके दस्तावेज पहुंचाए जा रहें है।
उप निरीक्षक ने तहरीर में आरोप लगाया था कि इन अपराधियों द्वारा आम जनता को गुमराह कर उनके बैंक खाते खुलवाए जाते है। जिसके बाद उन खातों का डिटेल, चेकबुक एटीएम कार्ड तथा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के सिम को पैक कर बसों के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचाते थे। जिसका उपयोग साइबर ठग लोगो से ठगी करने में करते थे।
पुलिस ने की गिरफ्तारी
एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस टीम को एक्टिव कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया गया।
पुलिस ने सत्यदेव, जय प्रकाश, लवकुश वर्मा व प्रदीप कुमार सिंह को कुर्मी पुरवा कोड़री के पास से गिरफ्तार किया है।
मोबाइल फोन व कैश बरामद
गिरफ्तार किय गए अभियुक्तों के पास पुलिस ने फोन व कैश बरामद किया है। पुलिस ने सत्यदेव के पास से दो हजार रूपया व एक मोबाइल, लवकुश वर्मा पास से 1700 रुपए व मोबाइल , जयप्रकाश यादव 2200 रूपये तथा मोबाइल फोन व प्रदीप कुमार सिंह के पास से 2450 रुपए व दो मोबाइल फोन बरामद किए है।
कैरियर के माध्यम से चल रहा था गिरोह
एसपी विकास कुमार ने बताया कि पकड़े गए चार अभियुक्त में तीन बलरामपुर जिले के है तथा प्रदीप कुमार सिंह फतेहगढ़ जिले का निवासी है। प्रदीप की मुलाकात इससे पहले इन तीनों अभियुक्तों से नहीं हुई थी। प्रदीप केवल मोबाइल के माध्यम से इन तीनों को निर्देशित करता था।
एसपी ने बताया कि इन सभी का एक संगठित साइबर ठगी का गिरोह है इन लोगो द्वारा साइबर ठगी के लिए खाता खोलवाया जाता है और एटीएम जारी कराते हैं और बैंक पासबुक एटीएम व उस खाते में जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होता है उसका सिम कार्ड अपने सरगना को दिल्ली भेज देते हैं।
दिल्ली में बैठा सरगना लोगों से इन्ही साइबर ठगी करके इन्ही खातों में साइबर फ्राड का पैसा मंगाता है। जिसे एटीएम के माध्यम से पैसा अलग अलग जगहों पर निकाल लिया जाता है।
जिनका खाता साइबर ठगी में प्रयोग होता है उसे भी साइबर ठगी का पांच परसेंट खाताधारक को भी दे देते हैं। इस प्रकार कैरियर के माध्यम से इन सभी के द्वारा साइबर ठगी का संगठित गिरोह का संचालन किया जा रहा है ।
Location : Balrampur
Published : 19 July 2025, 6:00 PM IST
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