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बदायूं से हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां जिले के उझानी थाना क्षेत्र से अगवा किए गए युवक सूर्यकांत यादव की नोएडा में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक को आरोपी उसके घर के बाहर फेंककर फरार हो गए, जहाँ कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
नोएडा में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या Image: dynamite news
Budaun News: बदायूं जिले के उझानी थाना क्षेत्र से अगवा किए गए युवक सूर्यकांत यादव की नोएडा में बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक को आरोपी उसके घर के बाहर फेंककर फरार हो गए, जहाँ कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने और मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरी घटना?
परिजनों के अनुसार, सूर्यकांत को घर से अगवा कर नोएडा ले जाया गया, जहाँ उसे बेरह7मी से पीटा गया। जब हालत बिगड़ गई तो हमलावर उसे वापस लाकर घर के बाहर छोड़ गए और मौके से भाग निकले। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस की कार्रवाई पर परिवार ने सवाल उठाए। आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने बेहद मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और करीब छह दिन तक मामले को टालती रही। इस दौरान “तलाश जारी है” कहकर परिवार को लगातार गुमराह किया जाता रहा, जबकि ठोस सुरागों पर कार्रवाई नहीं हुई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
परिजनों का दावा है कि उझानी कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक और एक दरोगा ने न तो समय पर दबिश दी, न ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कदम उठाए। यहां तक कि परिवार पर फोन कर मामला खत्म करने का दबाव बनाने के भी आरोप लगे हैं। लगातार शिकायतों और गुहार के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता सामने आने के बाद परिवार ने देर रात केंद्रीय राज्यमंत्री बी.एल. वर्मा से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई।
पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई
केंद्रीय मंत्री ने शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। सूत्रों के मुताबिक मामला तूल पकड़ने के बाद मंत्री ने संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका पर रिपोर्ट तलब की है। वहीं, पुलिस के आला अधिकारियों ने कहा है कि मामले की नए सिरे से समीक्षा की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
इधर, सूर्यकांत का शव सैफई मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के बाद आज बदायूं लाया जा रहा है। शव पहुँचने पर अंतिम संस्कार से पहले गांव और आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। परिजन व ग्रामीण निष्पक्ष जांच, सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहले ही गंभीरता दिखाई होती तो शायद युवक की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी बिंदुओं-अपहरण, नोएडा ले जाकर मारपीट, घर के बाहर शव छोड़कर फरार होना और कथित लापरवाही-को जांच में शामिल किया गया है। आगे की कार्रवाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।