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समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां जेल से रिहा हो गए हैं, लेकिन उनके लिए मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ 104 मामलों में से तीन अब अंतिम फैसले की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें भड़काऊ भाषण, अमर सिंह के परिवार पर विवादित बयान और शत्रु संपत्ति से जुड़े मामले शामिल हैं।
आजम खां की मुश्किलें बरकरार
Rampur: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर के सांसद आजम खां जेल से रिहा हो चुके हैं, लेकिन उनकी कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए हैं। इनकी संख्या 104 तक पहुंच चुकी है, जिनमें से कुछ अन्य जिलों में भी विचाराधीन हैं।
आजम खां के जेल से रिहा होने के बावजूद उनके चेहरे पर खुशी के साथ-साथ दबाव भी साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने 27 माह और 23 माह तक जेल में बिताए, लेकिन अब तक 59 मामले सेशन कोर्ट और 19 मामले मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रहे हैं। 12 मामलों में फैसला आ चुका है, जिसमें से 5 मामलों में उन्हें सजा मिली है और 7 मामलों में उन्हें बरी किया गया है। फिलहाल 3 महत्वपूर्ण मामले फैसले के करीब हैं।
आजम खां पर आरोप है कि उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान एक भड़काऊ भाषण दिया था। यह मामला सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज किया गया था, जहां उन्होंने जनसभा के दौरान मतदाताओं को पुलिस के खिलाफ उकसाया और निर्धारित मतदान समय के बाद भी मतदान करने के लिए दबाव डाला। इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन माना गया था। इस मामले में अब फैसले की संभावना जताई जा रही है।
आजम खां की मुश्किलें बरकरार
एक और बड़ा मामला जिस पर आजम खां को कानूनी चुनौती का सामना है, वह है अमर सिंह के परिवार को लेकर दिया गया विवादित बयान। पूर्व सांसद अमर सिंह ने 2018 में आजम खां के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप था कि आजम खां ने एक साक्षात्कार के दौरान अमर सिंह के परिवार के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है, और अब इसे भी जल्दी ही निपटाया जा सकता है।
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आजम खां को एक अक्तूबर को रामपुर कोर्ट में शत्रु संपत्ति से जुड़े मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने तीन धाराएं जोड़ी हैं, और इस पर बचाव पक्ष ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले में पुलिस को कोई कार्रवाई करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार करना पड़ सकता है, जिससे मामला और भी जटिल हो सकता है।
आजम खां के खिलाफ एक और विवादित टिप्पणी मामला है, जिसमें भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने आरोप लगाया था कि आजम खां ने सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह मामला सिविल लाइंस कोतवाली में दर्ज किया गया था, और इस पर भी फैसला जल्द आने की संभावना है।
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