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अमेठी के चर्चित आलोक पाल हत्याकांड में सुल्तानपुर की एडीजे तृतीय कोर्ट ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 2 मार्च 2022 को बाजार जाते समय लाठी-डंडों से हमला कर हत्या की गई थी।
सपा कार्यकर्ता आलोक पाल
Amethi: अमेठी के चर्चित सपा कार्यकर्ता आलोक पाल हत्याकांड में आखिरकार अदालत का बड़ा फैसला आ गया। करीब चार साल पुराने इस मामले में सुल्तानपुर की एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मंगलवार को दोष सिद्ध होने के बाद शुक्रवार को सजा का ऐलान किया। फैसले के बाद अदालत परिसर में हलचल तेज रही और पीड़ित परिवार ने इसे न्याय की जीत बताया।
बाजार जाते समय हुआ था हमला
घटना 2 मार्च 2022 की है। अमेठी जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के पूरे गड़ेरियन राजापुर कोहरा गांव में आलोक पाल अपने भाई प्रशांत पाल के साथ बाजार जा रहे थे। रास्ते में ननकू दास की कुटी के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने दोनों भाइयों पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवारजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान आलोक पाल ने दम तोड़ दिया।
पिता की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतक के पिता रामराज पाल की तहरीर पर पुलिस ने अजय मिश्र, माधव राज मिश्र, आशुतोष मिश्र, दुर्गा प्रसाद मिश्र और अभिषेक मिश्र के खिलाफ काफी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता रवि शुक्ला ने 9 गवाहों के बयान और साक्ष्य अदालत में पेश किए। इन्हीं ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया।
एडीजे तृतीय की अदालत का फैसला
मंगलवार को दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सजा के लिए 20 फरवरी की तारीख तय की थी। शुक्रवार को एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत ने अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाते हुए पांचों अभियुक्तों को आजीवन कारावास से दंडित किया। दोषियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका था।