हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (Image Source: Pinterest)
Aligarh: हरिओम नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने एक सफल जीवन संघर्ष की कहानी को दर्दनाक अंत दे दिया। पाकिस्तान से विभाजन के बाद भारत आए 79 वर्षीय खेल उपकरण कारोबारी सुभाष चंद्र कालरा की मौत शॉर्ट सर्किट से फैले जहरीले धुएं के कारण हो गई। लंबे समय से अस्थमा से जूझ रहे कालरा इस हादसे में खुद को बचा नहीं सके।
सुभाष चंद्र कालरा उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली और पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने अलीगढ़ में खेल उपकरणों का सफल कारोबार खड़ा किया। वर्षों की मेहनत से उन्होंने अपने परिवार और व्यवसाय को एक मजबूत आधार दिया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
हरिओम नगर स्थित उनके घर में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग की लपटें ज्यादा नहीं थीं, लेकिन घर के भीतर तेजी से फैले घने जहरीले धुएं ने स्थिति को बेहद गंभीर बना दिया। धुएं ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
स्थानीय युवक नरेंद्र कुमार नंदा ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर तक पहुंचना बेहद कठिन था। संकरी गलियारे से गुजरकर जब वह कमरे तक पहुंचे, तो सुभाष चंद्र कालरा डबल बेड और दरवाजे के बीच अचेत अवस्था में पड़े मिले। आग सीधे उन्हें नहीं पहुंची थी, लेकिन धुएं ने उन्हें सांस लेने का मौका नहीं दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि सुभाष चंद्र कालरा ने बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन अस्थमा की गंभीर समस्या और जहरीले धुएं के कारण वह दरवाजे तक नहीं पहुंच सके और वहीं गिर पड़े।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण माना जा रहा है। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि मृतक पहले से ही सांस संबंधी बीमारी से ग्रस्त थे, जिससे धुएं का असर और अधिक घातक हो गया।
यह हादसा न केवल एक जीवन का अंत है, बल्कि एक ऐसे संघर्ष की कहानी भी है जो विभाजन से शुरू होकर सफलता तक पहुंची थी।
Location : Aligarh
Published : 18 June 2026, 9:04 AM IST
Topics : aligarh news Breaking News Fire Tragedy Sad News UP News