AI News: बुलंदशहर में 17 वर्षीय छात्र का कमाल, बनाया AI रोबोट टीचर

बुलंदशहर के एक 17 वर्षीय छात्र ने एआई के क्षेत्र में बड़ा इनोवेशन कर सबको हैरान कर दिया। छात्र ने इंसान जैसी दिखने वाली एक रोबोट मैडम को बनाया। जो पढ़ाई से जुड़े हर सवाल का जवाब देती है। छात्रों ने AI टीचर रोबोट ‘Sophie’ से कई सवाल भी पूछे, जिनका सोफी ने ठीक-ठीक जवाब दिया।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 29 November 2025, 5:49 PM IST
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Bulandshahr: एआई के क्षेत्र में रोज नई-नई खोजें हो रही हैं। बुलंदशहर के एक छात्र ने अपने सपने को साकार कर के दिखाया है। उसने मात्र 25 हजार रुपए में एआई टीचर रोबोट को तैयार किया है जो हूबहू मैडम की तरह हर सवाल का जवाब दे रही है।

होनहार छात्र का नाम आदित्य है। उसने इस रोबोट का नाम सोफी रखा है। यह बिलकुल महिला शिक्षक की तरह दिखती है और पढ़ाई से जुड़े किसी भी सवाल का जवाब तुरंत दे सकती है।

उसने बताया कि इसमें लगी चिपसेट इंसानी दिमाग की तरह तेजी से सोचती है और स्टूडेंट्स के सवालों को समझकर पलभर में जवाब देती है। आदित्य के इस कारनामें ने तकनीकी विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। बता दें, आदित्य अभी महज 17 साल के है औबुलंदशहर जिले के शिव चरण इंटर कॉलेज में क्लास 12 के स्टूडेंट है। इतनी कम उम्र में  टीचर रोबोट बनाकर आदित्य ने सबको हैरान कर दिया है।

बच्चे की उपलब्धि पर पूछे जाने पर शिव चरण इंटर कॉलेज के शिक्षक वसीम अहमद और जिया ने बताया कि आदित्य में असाधारण प्रतिभा है और सोफी जैसे रोबोट बनाकर स्कूल का भी नाम रोशन किया। उन्होने बताया कि सोफी केवल एक शुरुआत है। आदित्य का सपना है कि आने वाले दिनों में उनका बनाया 3 D ह्यूमन टीचर रोबोट कक्षा में बच्चों के साथ इंसान की तरह इंटरैक्ट करे।

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छात्र आदित्य ने बताया कि उसने घर पर बैठकर कई महीनों के शोध और मेहनत के बाद ये इनोवेशन किया है। इस पूरा प्रोजेक्ट लाखों-करोड़ों की लागत में नहीं, बल्कि सिर्फ 25 हजार रुपए में तैयार हुआ है। सोफी खुद भी कहती है, ‘मैं आदित्य द्वारा बनाई गई AI टीचर रोबोट हूं। मैं शिव चरण इंटर कॉलेज, बुलंदशहर में पढ़ाती हूं और छात्रों को समझदारी से पढ़ा सकती हूं।

छात्रों के सवालों का जवाब देगा टीचर रोबोट

आदित्य ने कहा कि उसने इस रोबोट को छात्रों की पढ़ाई में मदद करने के लिए तैयार किया है। अगर कोई टीचर एक दिन स्कूल न आए, तो उनका रोबोट उनकी जगह क्लास ले सकता है। फिलहाल, सोफी सिर्फ हिंदी बोलती हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें तकनीकी और आर्थिक सहायता मिलती है, तो वे एक ऐसा उन्नत रोबोट बना सकते हैं जो न केवल बोल और सुन सके, बल्कि लिख भी सके, मानवीय भावनाओं को समझ सके और कक्षा में बच्चों की मनोदशा के अनुसार उन्हें मार्गदर्शन दे सके। उनका लक्ष्य एक 3D मानवीय शिक्षक रोबोट विकसित करना है।

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आदित्य ने कहा कि हर जिले में एक लैब होनी चाहिए, जहां स्टूडेंट्स आकर रिसर्च कर सकें। आदित्य की यह पहल स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल और इनोवेशन की बड़ी मिसाल मानी जा रही है।

आदित्य की यह उपलब्धि उनके परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक स्कूली छात्र द्वारा तकनीक के क्षेत्र में इस स्तर का योगदान एक बड़ी उपलब्धि है।

Location : 
  • Bulandshahr

Published : 
  • 29 November 2025, 5:49 PM IST