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मेरठ के एक निजी अस्पताल में ICU में भर्ती मरीज की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। पत्नी ने अस्पताल स्टाफ पर मर्डर का आरोप लगाया है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है।
इसी खिड़की से कूदा था मरीज
Meerut: अस्पताल, जहां जिंदगी बचाई जाती है, वहीं अगर मौत संदिग्ध हो जाए तो सवाल सिर्फ एक परिवार के नहीं रहते। मेरठ के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में शुक्रवार रात ICU में भर्ती मरीज की दूसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। अस्पताल इसे खुदकुशी बता रहा है, जबकि पत्नी का आरोप है कि उनके पति का मर्डर हुआ है और स्टाफ ने उन्हें खिड़की से नीचे फेंक दिया। मामला सामने आते ही पूरे अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ICU से गिरकर मौत, कहानी में विरोधाभास
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर कांगड़ा के रहने वाले संजय कुमार मेरठ की हाइडिल कॉलोनी में पत्नी ज्योति और बेटे शुभांक के साथ रहते थे। वह एक इन्वर्टर कंपनी में कार्यरत थे। कुछ दिनों से सांस लेने में दिक्कत और खून की कमी की शिकायत पर उन्हें 31 दिसंबर की रात गढ़ रोड स्थित लोकप्रिय अस्पताल में ICU में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात पत्नी घर खाना खाने गई थी। करीब 15 मिनट बाद अस्पताल से फोन आया कि संजय दूसरी मंजिल से गिर गए हैं और उनकी मौत हो गई है।
पत्नी के गंभीर आरोप
ज्योति का कहना है कि उनके पति सुसाइड नहीं कर सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे वसूलने के लिए अस्पताल ने उन्हें ICU में रखा। सवाल उठाया कि जब संजय ICU में थे तो बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद कैसे होने दिया गया। इतनी कमजोरी में वह बिना सहारे खिड़की तक कैसे पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के बाद नाइट शिफ्ट का स्टाफ हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है।
खून चढ़ाने पर भी उठे सवाल
पत्नी का दावा है कि संजय को एनीमिया था, लेकिन कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। तीन यूनिट खून चढ़ चुका था और चौथा यूनिट शनिवार को चढ़ना था। उनका कहना है कि खिड़की और आसपास खून के निशान बताते हैं कि गिरने से पहले ही कुछ गड़बड़ हुई थी। अगर कांच टूटा और मरीज नीचे गिरा, तो ICU स्टाफ को तुरंत भनक क्यों नहीं लगी।
डॉक्टर का पक्ष
इलाज कर रहे डॉक्टर पीके शुक्ला ने बताया कि मरीज मानसिक रूप से स्वस्थ था और खुद कह रहा था कि वह बेहतर महसूस कर रहा है। डॉक्टर के अनुसार हीमोग्लोबिन की रिपोर्ट भी सुधर रही थी। उन्होंने कहा कि उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्यों हुआ।
पुलिस और फोरेंसिक जांच
घटना की सूचना पर सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और इंस्पेक्टर नौचंदी मौके पर पहुंचे। ICU स्टाफ से पूछताछ की गई और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति साफ होगी।