गोरखपुर में तड़प-तड़प कर बबलू ने तोड़ा दम, बीवी बोली- अब मेरे बच्चों का क्या होगा…

गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद घायल पूरी रात सड़क किनारे तड़पता रहा, सुबह मिलने पर मौत की पुष्टि हुई।

Gorakhpur: अंधेरी सड़क, तेज रफ्तार और इंसानियत की खामोशी…गोरखपुर में शुक्रवार रात जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक युवक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होकर पूरी रात मौत से लड़ता रहा, लेकिन मदद के अभाव में उसकी सांसें थम गईं। सुबह जब सच्चाई सामने आई, तो इलाके में सनसनी फैल गई और एक परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया।

परमेश्वरपुर मोड़ पर दर्दनाक हादसा

यह दिल दहला देने वाली घटना हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के परमेश्वरपुर मोड़ पर शुक्रवार देर रात हुई। अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार युवक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक सड़क से उछलकर किनारे जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

मृतक की पहचान

मृतक की पहचान बबलू यादव (40 वर्ष) पुत्र रामआशीष यादव निवासी पायलपार नैनीडीह के रूप में हुई है। बताया गया कि बबलू यादव खलीलाबाद में रहकर रोज़गार करते थे और शुक्रवार रात बाइक से अपने घर लौट रहे थे। घर पहुंचने से पहले ही मौत रास्ते में उनका इंतजार कर रही थी।

पूरी रात तड़पता रहा घायल

हादसा देर रात हुआ और सड़क पर आवाजाही कम होने की वजह से किसी की नजर घायल युवक पर नहीं पड़ी। बबलू यादव गंभीर हालत में पूरी रात सड़क किनारे पड़े रहे। समय पर इलाज और मदद न मिलने के कारण उनकी हालत बिगड़ती चली गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई।

सुबह हुआ खुलासा

शनिवार सुबह ग्रामीणों की नजर सड़क किनारे पड़े व्यक्ति पर पड़ी। पास जाकर देखा तो वह अचेत अवस्था में था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची हरपुर बुदहट पुलिस ने एंबुलेंस से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहजनवां भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फरार वाहन और चालक की पहचान की जा सके।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

बबलू यादव अपने पीछे दो मासूम बच्चे पवन (8 वर्ष) और परिधि (10 वर्ष) को छोड़ गए हैं। अचानक हुई इस मौत से पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

उठे बड़े सवाल

यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार, हिट एंड रन और रात की गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर समय पर मदद मिल जाती, तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 17 January 2026, 7:53 PM IST

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