कश्मीरी गेट बस गैंगरेप केस: बंद CCTV के बावजूद फिंगरप्रिंट और DNA से खुला राज, पुलिस के हाथ लगे अहम सबूत

दिल्ली के कश्मीरी गेट बस गैंगरेप मामले में पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं। बंद CCTV के बावजूद फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने और 400 से ज्यादा कैमरों की फुटेज के जरिए पुलिस आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर रही है। जानिए इस केस की जांच में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 2 September 2026, 9:37 AM IST
google-preferred

New Delhi: दिल्ली के कश्मीरी गेट बस गैंगरेप मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। वारदात के दौरान बस का अंदरूनी CCTV कैमरा बंद था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस और फोरेंसिक टीम (FSL) ने वैज्ञानिक जांच के जरिए कई अहम सबूत जुटा लिए हैं, जो आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में मदद करेंगे।

बस के अंदर मिले फिंगरप्रिंट और जैविक नमूने

फोरेंसिक जांच के दौरान बस के अंदर से पीड़िता और दोनों आरोपियों ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप के उंगलियों के निशान मिले हैं। इसके अलावा बस से पीड़िता के बालों के गुच्छे और अन्य जैविक नमूने भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने FSL से इन नमूनों की रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है, ताकि इन्हें चार्जशीट में शामिल किया जा सके।

47 किलोमीटर रूट के 400 CCTV कैमरों की जांच

भले ही बस का अंदरूनी CCTV काम नहीं कर रहा था, लेकिन पुलिस ने ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट तक करीब 47 किलोमीटर के रूट पर लगे 400 से ज्यादा कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है।

इन फुटेज के जरिए बस की लोकेशन, समय और पूरे सफर की गतिविधियों का मिलान किया जा रहा है।

पीड़िता के बयान में सामने आईं कई अहम बातें

पुलिस ने पीड़िता का दोबारा बयान दर्ज किया है। बयान में बताया गया कि आरोपियों ने बस के स्लीपर पर्दों से उसके हाथ बांधने की कोशिश की थी। बस के शीशों पर लगे भारी पर्दों के कारण बाहर से अंदर की गतिविधियां दिखाई नहीं दे रही थीं।

बस पर पहले से थे 11 ट्रैफिक चालान

जांच में यह भी सामने आया है कि जिस बस में वारदात हुई, उस पर पहले से करीब 54 हजार रुपये के 11 ट्रैफिक चालान लंबित थे। इसके अलावा कमर्शियल वाहनों में जरूरी व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन से जुड़े नियमों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस अब डिजिटल और वैज्ञानिक सबूतों को जोड़कर आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  2 September 2026, 9:37 AM IST

Related News

Advertisement