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अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक आज (img: Pinterest)
Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अहम बैठक होने जा रही है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर फैसला होने की संभावना है। इसके अलावा ट्रस्ट की समितियों के पुनर्गठन और मंदिर से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। बैठक दोपहर बाद मणिरामदास छावनी में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर प्रस्तावित है।
CEO की नियुक्ति के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने 5,585 आवेदनों की छंटनी और इंटरव्यू के बाद तीन नामों को अंतिम रूप से शॉर्टलिस्ट किया है। अब ट्रस्ट बोर्ड इन तीन नामों पर विचार करेगा। बैठक में इनमें से एक नाम पर अंतिम मुहर लगाकर पहले पूर्णकालिक CEO की नियुक्ति की घोषणा की जा सकती है।
CEO पद के लिए पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय का नाम चर्चा में बताया जा रहा है। हालांकि, नियुक्ति को लेकर अंतिम फैसला ट्रस्ट बोर्ड की बैठक में ही होगा। इसलिए आधिकारिक घोषणा से पहले किसी एक नाम को तय मानना उचित नहीं होगा।
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चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा ट्रस्टी राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद ट्रस्ट में तीन पद खाली बताए जा रहे हैं। इन रिक्त पदों को भरने पर भी बैठक में चर्चा होगी।
बैठक में ट्रस्ट के सचिव पद को लेकर भी फैसला हो सकता है। जानकारी के मुताबिक, जगदीश ऑफले को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला सचिव बनाए जाने की संभावना है। इस संबंध में बैठक के बाद औपचारिक घोषणा की उम्मीद है।
ट्रस्ट के तीन खाली सदस्य पदों को भरने के लिए नए नामों पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल डॉ. कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। बैठक में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।
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ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन का मुद्दा भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। धार्मिक न्यास समिति, निर्माण समिति, वित्त समिति और ऑडिट समिति समेत अन्य उप-समितियों की संरचना और जिम्मेदारियों में बदलाव पर चर्चा की जा सकती है।
बैठक में वित्तीय और प्रशासनिक मामलों से जुड़े कई मुद्दों पर भी विचार होगा। इसमें वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट और ट्रस्ट की नियमावली में संभावित संशोधन शामिल हैं। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी SIT रिपोर्ट पर भी चर्चा होने की संभावना है।
राम मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था को और सुगम बनाने का मुद्दा भी बैठक में उठ सकता है। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ प्रबंधन और दर्शन प्रक्रिया को बेहतर करने के लिए आवश्यक कदमों पर ट्रस्ट के पदाधिकारी विचार करेंगे। बैठक के बाद होने वाले फैसलों से राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे और आगामी कार्ययोजना को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है।
Location : Ayodhya
Published : 2 September 2026, 9:04 AM IST