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नई दिल्ली: ब्याज दरों की समीक्षा के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक आज से शुरू हो चुकी है। विशेषज्ञों के बीच इसकी चर्चा है कि द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में आरबीआई प्रमुख ब्याज दरों को एक बार फिर अपरिवर्तित रख सकता है। इस मामले में विशेषज्ञों का एक गुट ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी कर रहा है। ऐसी स्थिति में आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ब्याज दरों में कटौती करेगा या नहीं?
महंगाई दर तय सीमा के पार
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक देश में महंगाई दर सरकार की ओर से निर्धारित सीमा के ऊपरी स्तर को पार कर गई है। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि के आंकड़े काफी निराशाजनक रहे हैं। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू हो गई है। बैठक के निर्णय की घोषणा 6 दिसंबर को होगी।
रेपो रेट पर महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता का असर
बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने बताया कि वैश्विक माहौल में अनिश्चितता और महंगाई पर संभावित प्रभाव को देखते हुए रेपो रेट पर यथास्थिति बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि महंगाई और जीडीपी दोनों के लिए आरबीआई के अनुमानों में बदलाव होगा। इसका कारण यह है कि महंगाई अब तक आरबीआई के तीसरी तिमाही के पूर्वानुमान से अधिक रही है।
Published : 4 December 2024, 7:46 PM IST
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