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वाराणसी: धर्म और मोक्ष नगरी काशी में पितृ पक्ष के मौके पर देश-विदेश के आये किन्नरों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। दरअसल किन्नर यहां अपने पूर्वजों के पिंडदान के लिये आये है। पिंडदान के लिये किन्नरों द्वारा विधिवत पूजा-पाठ और हवन भी कराया जा रहा है।
किन्नर यहां पहुंचकर सबसे पहले गंगा स्नान कर रहे है। उसके बाद काशी की कुंडों में एक पिशाच मोचन कुंड जिसे विमल तीर्थ के भी नाम से जाना जाता है, वहां पहुंचकर पंडितों से विधिवत विधान के साथ अपने पूर्वजों का यहां पिंड दान करवा रहे हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत करते हुए एक किन्नर ने कहा कि वह यहां अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति कराने के लिये पिंडदान करने के लिये आये हुए है। उनके साथ पूरे भारत के चारों दिशाओं से कई किन्नर साथ में आये है। किन्नरों का कहना है कि सनातन धर्म के मुताबिक 16 संस्कारों का होना जरूरी है और इन्हीं संस्कारों को पूरा करने के लिये वह यहां आये हुए है।
देश भर से आए किन्नर समाज के लोगों में भी अपने पुरुखों के जाने-अनजाने में मृत्यु को प्राप्त करना का बड़ा गम है इसलिये वह उनका पिंडदान के लिये यहां आये हुए है।
Published : 2 October 2018, 4:03 PM IST