Uttarakhand: सीएम धामी ने पेश किया UCC विधेयक, जानिये समान नागरिक संहिता से क्या-क्या बदलेगा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) पर विधेयक पेश किया। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 6 February 2024, 11:38 AM IST
google-preferred

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) पर विधेयक पेश कर दिया है। 70 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक हैं। इसलिए UCC विधेयक का पास होना तय माना जा रहा है। 

UCC से क्या बदलेगा?

1) लड़कियों की शादी की कानूनी उम्र 18 साल और लड़कों की 21 साल होगी 

2) विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा

3) पति-पत्नी दोनों को तलाक के समान अधिकार

4) बहुविवाह पर रोक, एक पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं हो सकेगी 

5) उत्तराधिकार में लड़कियों को बराबर अधिकार होगा

6) लिव इन रिलेशनशिप डिक्लेयर करना जरूरी

7) नौकरीपेशा बेटे की मौत की स्थिति में बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारी पत्नी पर होगी

8) पति की मौत की स्थिति में यदि पत्नी दोबारा शादी करती है तो उसे मिला हुआ मुआवजा माता-पिता के साथ शेयर करना होगा 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अनुसूचित जनजातियों के लोग समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रहेंगे। 

सदन में गूंजा जय श्रीराम का नारा

सीएम धामी द्वारा विधेयक पेश किए जाने के दौरान सत्तापक्ष के विधायकों ने ‘‘भारत माता की जय, वंदे मातरम और जय श्रीराम’’ के नारे लगाए। बता दें, 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा ने समान नागरिक संहिता लागू करना का वादा किया था। 

गोवा में लागू है UCC

कानून बनने के बाद उत्तराखंड आजादी के बाद UCC लागू करने वाला देश का पहला राज्य होगा। वहीं, गोवा में पुर्तगाली शासन के दिनों से ही UCC लागू है। आपको बता दें कि UCC के तहत प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए एकसमान विवाह, तलाक, जमीन, गुजारा भत्ता, संपत्ति व उत्तराधिकार के कानून लागू होंगे चाहे वे किसी भी धर्म को मानने वाले हों।

Published : 
  • 6 February 2024, 11:38 AM IST

Advertisement
Advertisement