UP News: प्रयागराज में होलिका दहन के बवाल के बाद कठघरे में पुलिस प्रशासन, जानिए क्या है पूरा मामला
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होलिका दहन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प ने पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पढें डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

प्रयागराज: होलिका दहन के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प ने पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। घटना में भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सरोज और उनके साथी सतीश चंद्र पर गंभीर हमले के बाद पुलिस को दोनों पक्षों को हिरासत में लेना पड़ा। विवाद बीते गुरुवार की रात कटरा दयाराम बागी गांव में शुरू हुआ, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच होलिका दहन को लेकर विवाद बढ़ गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादाता के अनुसार, मामला उस समय बढ़ा जब मुस्लिम पक्ष ने होलिका दहन को रोकने की कोशिश की, जिसके चलते भाजपा मंडल अध्यक्ष व उनके साथी को लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय मुस्लिम पक्ष के लोगों को थाने से छोड़ दिया, जबकि उन्हें ही थाने के अंदर बंद कर दिया गया। इस पर भाजपाईयों ने थाना परिसर में जमकर हंगामा किया।
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घटना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी फूलपुर पंकज लवानिया और डीसीपी गंगानगर कुलदीप गुनावत ने आक्रोशित भाजपा समर्थकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे थाना प्रभारी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अडिग रहे। आक्रोश को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने देर रात तक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और मामले में मुकदमा दर्ज किया।
मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सरोज की तहरीर पर पुलिस ने आरोपितों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिसमें दंगा करने, गैरकानूनी जमावड़ा, हत्या का प्रयास और डकैती की धाराएं शामिल हैं।
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इस घटना के बाद पुलिस ने लापरवाही बरतने के लिए दो उपनिरीक्षकों और दो कांस्टेबलों को लाइन हाजिर कर दिया। एसीपी ने इस मामले में कहा कि उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच जारी है। थाने के प्रभारी वीरेंद्र मिश्र के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
बता दें कि, प्रयागराज में होलिका दहन का यह मामला न केवल दो समुदायों के बीच के तनाव को उजागर करता है, बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और उसके उत्तरदायित्वों पर भी सवाल उठाता है।