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देहरादून: उत्तराखंड में सोमवार से समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो रही है, जिससे राज्य में कई महत्वपूर्ण बदलाव आएंगे। UCC के तहत अब सभी नागरिकों के लिए समान कानून होंगे, चाहे वे किसी भी जाति, धर्म या संप्रदाय के हों। विवाह का पंजीकरण अब अनिवार्य होगा, और इसे छह महीने के भीतर करना होगा। ग्राम सभा स्तर पर विवाह रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, लिव-इन रिलेशनशिप के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा, और इस दौरान पैदा होने वाले बच्चों को भी कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे।
UCC लागू होने के फायदे
UCC के तहत बहुविवाह पर रोक लगेगी और हलाला जैसी प्रथा भी समाप्त होगी। लड़कियों को लड़कों के समान उत्तराधिकार का अधिकार मिलेगा, और उनकी शादी की उम्र हर धर्म के लिए समान होगी। गोद लेने का अधिकार सभी धर्मों के लोगों को मिलेगा, हालांकि दूसरे धर्म के बच्चे को गोद नहीं लिया जा सकेगा।
सशस्त्र बलों के लिए विशेष प्रावधान
सशस्त्र बलों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिनमें विशेष अभियान में शामिल सैनिकों को वसीयत बनाने का अधिकार मिलेगा, भले ही उसकी पुष्टि न हो। इसके अलावा, यदि विवाह का पंजीकरण 15 दिनों के भीतर नहीं होता, तो उसे स्वीकृत माना जाएगा।
नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण
उत्तराखंड में UCC लागू होने से यह राज्य स्वतंत्रता के बाद ऐसा करने वाला पहला राज्य बन जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसके नियमावली और पोर्टल का लोकार्पण किया है। इस कानून के लागू होने से राज्य में समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
Published : 27 January 2025, 9:11 AM IST
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