Uttar Pradesh: भारत-नेपाल सीमा पर स्कूल, कॉलेज, मंडी, मनोरंजन, हॉस्पिटल समेत मिलेंगी ये सुविधाएं

उत्‍तर प्रदेश के नेपाल से सटे बहराइच जिले की रूपईडीहा सीमा पर प्रदेश शासन ने भारत- नेपाल मैत्री द्वार बनाने का निर्णय लिया है। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 8 February 2024, 4:14 PM IST
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बहराइच: उत्‍तर प्रदेश के नेपाल से सटे बहराइच जिले की रूपईडीहा सीमा पर प्रदेश शासन ने भारत- नेपाल मैत्री द्वार बनाने का निर्णय लिया है।

जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बृहस्‍पतिवार को बताया कि उत्तर प्रदेश के पड़ोसी देशों व राज्यों से आने वाले पर्यटकों तथा नागरिकों में प्रदेश की अच्छी छवि बनाने के लिये शासन ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत- नेपाल मैत्री द्वार बनाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए धन भी जारी किया जा चुका है और समझौते के आधार पर भूमि भी ली जा चुकी है।

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छह माह के अन्दर प्रवेश द्वार का निर्माण कार्य पूरा करा लिया जायेगा। उन्‍होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण मार्गों पर प्रवेश द्वार स्थापना, सौन्दर्यीकरण तथा धार्मिक स्थलों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की योजना लागू की है।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक इसी योजना के तहत यह प्रवेश द्वार बनाया जाना है। साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर पर्यटन, मनोरंजन, चिकित्सालय, स्कूल, कॉलेज, किसान मंडी जैसी उच्च स्तरीय सुविधाएं विकसित की जायेंगी।

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जिलाधिकारी ने बताया कि प्राथमिक से माध्यमिक स्तर के विद्यालयों, बाजारों, अस्पताल एवं बस अड्डों आदि को भी उच्चीकृत (अपग्रेड) किया जायेगा ताकि आम जनता, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सीमा पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

भारत-नेपाल की इसी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 31 मई 2023 को प्रदेश की पहली एकीकृत जांच चौकी का भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्‍प कमल दहल 'प्रचंड' ने संयुक्त रूप से वर्चुअल उद्घाटन किया था।

Published : 
  • 8 February 2024, 4:14 PM IST

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