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रायबरेली: रायबरेली पुलिस (Raebareli Police) ने गुड वर्क दिखाने के चक्कर में जल्दबाजी बरतते हुए एक बेकसुर युवक को जेल भेज दिया। देर रात उस युवक की 12 दिन बाद रिहाई हुई है। युवक का कसूर इतना था कि रास्ते मे पड़े लावारिस बैग को उसने सही सलामत पुलिस को पहुंचाया था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद युवक ने अपनी आप बीती बताई। 28 साल का पीड़ित युवक दीपू उर्फ गौरव (Gaurav) निवासी गाँव जमनीपुर चरुहार थाना गदागंज (Gadaganj) ने बताया कि वह आरो का पानी लेने के लिए निकला था। रास्ते में उसे वह बैग मिला। उसके साथ चार-पांच लोग भी थे। उसके बाद उन्होंने मिलकर प्रधान जी से संपर्क किया। फिर वह बेग थाने ले गए।
व्यापारियों व ग्रामीणों ने गदागंज थाने में किया प्रदर्शन
युवक ने बताया कि थाने में एसओ साहब ने उसे ही बिठा लिया गया। बैग जमा करने के बाद उसे दो दिन तक थाने में बैठाए रखा। इसके बाद जंगल ले गए।। वहां पर बैग देकर उसका वीडियो बनाया गया। 26 अगस्त को पुलिस ने लूट के मामले में कार्रवाई दिखाते हुए उसे फंसा दिया। आज अपनी रिहाई पर युवक ने खुशी तो महसूस की है, लेकिन कानून की इस कार्रवाई से वह सदमे में है। आपको बता दें कि इससे पहले युवक की फर्जी गिरफ्तारी को लेकर व्यापारियों व ग्रामीणों ने गदागंज थाने में प्रदर्शन भी किया था।
पुलिस कार्यप्रणाली की किरकिरी
घटना 20 अगस्त की है। जब गदागंज थाना क्षेत्र में जन सुविधा केंद्र चलाने वाले एक व्यक्ति से गदागंज क्षेत्र में बैग लूट की वारदात हुई थी। मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बना तो पुलिस ने 26 अगस्त को कुल 7 लाख रुपये नकद व कुछ कागजात बरामद दिखाकर दीपू उर्फ गौरव पुत्र रामधनी निवासी ग्राम जमनीपुर चूरूहार थाना गदागंज को जेल भेज दिया था। थाना गदागंज एसओ राकेश चंद (Rakesh Chand) की लापरवाही के कारण एक युवक का भविष्य खतरे में आ गया। साथ ही पुलिस कार्यप्रणाली की किरकिरी भी हुई है।
Published : 8 September 2024, 11:01 AM IST
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