सपा सांसद धर्मेन्द्र यादव का लोकसभा में आक्रामक भाषण, किसानों के मुद्दों पर जमकर धोया सरकार को

डीएन ब्यूरो

लोकसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक और आजमगढ़ के सांसद धर्मेन्द्र यादव ने बजट पर चर्चा के दौरान किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनायी। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

सपा सांसद धर्मेन्द्र यादव लोकसभा में बोलते हुए
सपा सांसद धर्मेन्द्र यादव लोकसभा में बोलते हुए


नई दिल्ली: आजमगढ़ से सांसद और लोकसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक धर्मेन्द्र यादव ने बजट पर चर्चा के दूसरे सत्र में शुक्रवार को लोकसभा में अब तक का सबसे लंबा और आक्रामक भाषण दिया।

सपा सांसद ने केंद्र सरकार पर किसानों की अनेदखी और घोर उपेक्षा का आरोप लगाया और खेती-किसानी से जुड़े तमाम मुद्दों पर सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। 

लोकसभा में सपा के मुख्य सचेतक धर्मेन्द्र यादव ने किसान कल्याण मंत्रालय से संबंधित मांगों और बजट में चर्चा के दौरान कहा कि भाजपा ने 2014 के अपने संकल्प पत्र में किसानों को स्वामीनाथ रिपोर्ट के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की घोषणा और किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था।

उन्होंने कहा कि भाजपा 11 वर्षों से सत्ता में है और हाल ही में सरकार ने अपना 12वां बजट पेश किया लेकिन किसानों की स्थिति को सुधारने में सरकार विफल रही। उन्होंने कहा की मौजूदा सरकार केवल लंबे-चौड़े भाषण देना जानती है। 

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धर्मेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की अनदेखी के कारण किसानों को आज भी कर्ज लेना पड़ता है क्योंकि मार्केट में उनको लागत के बराबर भी मूल्य नहीं मिलता। सरकार की उपेक्षा के कारण किसानों की स्थिति आज बद से बदतर होती जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने दावा किया कि यह बजट अब तक का सबसे बड़ा बजट है। लेकिन बजट की पत्रावलियों को देखने और उसका आंकलन करने के बाद बहुत निराशा हुई। सरकार ने किसान कल्याण के लिये अपने बजट में केवल 2.7 प्रतिशत बजट ही दिया। यह किसानों की घोर अपेक्षा है। 

सपा सांसद ने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने हमेशा कहा कि भारत की तरक्की और विकास का रास्ता केवल खेतों और खलिहानों से निकलता है। खेत और खलिहानों से देश की समृद्धि का भी मार्ग खुलता है। लेकिन बजट में किसानों के साथ ही खेत और खलिहानों को नजरअंदाज कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये हमें हमारे किसानों को संपन्न बनाना होगा। इससे बाजारों की वेल्यू के साथ-साथ आम आदमी की खरीद क्षमता भी बढ़ेगी। लेकिन सरकार जिस तरह से यूपी से लेकर देश के तमाम राज्यों में किसानों की अनदेखी कर रही है, उससे किसानों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।










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