फतेहपुर में बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में दहशत

डीएन संवाददाता

फतेहपुर के मौहार गांव में पिछले तीन महीनों ने कुछ बंदरों ने यहां आंतक मचा रखा है। डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत के दौरान मौहार के ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बंदरों को भगाते ग्रामीण
बंदरों को भगाते ग्रामीण

फतेहपुर: बिंदकी तहसील के मौहार गांव में तीन महीने से बंदरों ने खासा आंतक मचा रखा है। बंदरों के आंतक से बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बंदरों के आतंक से महिलाएं भी भयभीत है।

बंदरों ने 300 बच्चों को बनाया शिकार

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डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत के दौरान मौहार के ग्रामीणों ने बताया कि स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब तक बंदरों ने मौहार गांव के 300 बच्चों को अपना शिकार बनाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोपालगंज के रजिस्टर में इलाज़ करने गये इन बच्चों का विवरण भी मौजूद है।

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वन विभाग की लापरवाही से आंतक

वन विभाग पर आरोप लगाते हुऐ ग्रामीणों ने बताया कि कई बार वन विभाग में तहरीर देने के बाद भी कार्यवाही नहीं की गई । जिससे ग्रामीणों में काफी रोष व्याप्त है। वन विभाग की लापरवाही से आम जनमानस बंदरों के आतंक से घबराया हुआ है।

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डाइनामाइट न्यूज़ बातचीत में SDO यूं झाड़ा अपना पल्ला

बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डाइनामाइट न्यूज़ ने जब DFO कार्यालय से इस बारे में बात की वहां के SDO खागा सुनील सिंह राठौर ने बताया कि फ़तेहपुर वन विभाग में किसी भी प्रकार के जानवरों को पकड़ने का बजट सरकार की तरफ से नहीं दिया जाता है। इसके लिए हम परमिट जारी कर सकते हैं और हमारे पास कुछ प्राइवेट लोगों की जानकारी है, जो ये वो काम करते हैं। ये कहते हुये वन विभाग ने अपना पल्ला झाड़ लिया।

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