हिंदी
बसंत पंचमी को लेकर बलिया जिले में उत्साह चरम पर है। नगर से लेकर गांव तक मां सरस्वती के पूजन की तैयारियां जोरों पर हैं। मूर्तिकारों से लेकर समितियों तक, हर कोई आयोजन को भव्य बनाने में जुटा है। 23 जनवरी को जिले के 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
मां सरस्वती का पूजन
Ballia: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के पूजनोत्सव को लेकर माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। नगर हो या ग्रामीण इलाका, हर तरफ बसंत पंचमी की तैयारियों की गूंज सुनाई दे रही है। 23 जनवरी को होने वाले इस पर्व के लिए मूर्तिकार अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं आयोजन समितियां पंडालों को सजाने में दिन-रात एक किए हुए हैं।
Ballia Crime: कुएं में युवक का शव मिलने से हड़कंप, बलिया में सनसनीखेज मामला; हत्या या आत्महत्या?
जिले भर में देर रात तक पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमाएं पहुंचाई जा रही हैं। मूर्तिकारों की कार्यशालाओं में अंतिम रंग-रोगन का काम तेजी से चल रहा है। समितियों द्वारा पंडालों को आकर्षक लाइटिंग, रंग-बिरंगे कपड़ों और सजावटी सामग्री से भव्य रूप दिया जा रहा है।
बसंत पंचमी को लेकर जिले के शिक्षण संस्थानों में भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षक और छात्र-छात्राएं मिलकर पूजन की तैयारियों में जुटे हैं। मां सरस्वती की आराधना के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई जा रही है।
पुलिस विभाग के अनुसार जिले के 22 थाना क्षेत्रों में कुल 480 स्थानों पर मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। शहर कोतवाली में सबसे अधिक 59 प्रतिमाएं लगेंगी, जबकि रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर, फेफना और उभांव जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में प्रतिमाएं स्थापित होंगी। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मां सरस्वती की पूजा के बाद लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर ढोल की थाप पर फाग गीत और जोगीरा गाते नजर आएंगे। इसी दिन से होली के पर्व की भी शुरुआत मानी जाती है। जिले भर में उल्लास और रंगों का माहौल देखने को मिलेगा।