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चंडीगढ़: हरियाणा में आज विधानसभा चुनाव के लिये मतदान हो रहे हैं। भाजपा यहां तीसरी बार चुनाव जीतेगी या नहीं इसका फैसला 8 अक्टूबर को होगा। हरियाणा में भाजपा (BJP) के कार्यकाल में पिछले 10 सालों में कई विवाद और घटनाएं हुईं। आइये एक नजर डालते हैं कि हरियाणा में भाजपा राज के दौरान कुछ विवादों पर।
जाट हिंसा
2016 में ओबीसी कोटे के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे जाटों पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी के बाद लगभग 30 लोगों की मौत हो गई। इस दौरान 2,100 से अधिक प्राथमिकी दर्ज हुईं। सैकड़ों लोगों पर मामले दर्ज हुए। हिंसा के कारण राज्य में जाति आधारित विभाजन पैदा हुआ। इस दौरान हरियाणवियों के बीच भाईचारे में दरार पैदा हुई।
जुनैद मॉब लिंचिंग केस
साल 2017 में ट्रेन में सीट को लेकर हुए विवाद के बाद 16 वर्षीय जुनैद की चाकू मारकर हत्या (Murder) कर दी गई थी। हत्या के बाद मृतक के भाई व दो चचेरे भाइयों पर ओखला और असोटी के बीच सड़क पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी और पांच अन्य के खिलाफ हत्या और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्द कहकर चोट पहुंचाने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
डेरा हिंसा
25 अगस्त 2017 को सीबीआई अदालत द्वारा बलात्कार के मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में हिंसा हुई। इस हिंसा में 40 लोग मारे गए थे। राज्य सरकार की इस बात के लिए आलोचना हुई कि उसने सुनवाई से पहले इतने सारे अनुयायियों को पंचकूला में प्रवेश करने दिया। बीजेपी 2014 में डेरा के समर्थन के कारण ही राज्य में सत्ता में आई थी। इस दौरान पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी राज्य सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी।
लॉकडाउन में शराब घोटाला
साल 2020 में कोविड-19 के दौरान आबकारी और कराधान अधिकारियों व पुलिस की मिलीभगत से हरियाणा (Haryana) से दूसरे राज्यों में बड़ी मात्रा में शराब की तस्करी का आरोप लगा था। विपक्ष का कहना था कि इसमें कई हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। इसके बाद राज्य सरकार ने एक जांच दल का गठन किया। इस दल ने आबकारी और कराधान आयुक्त सहित अधिकारियों के आचरण पर कई सवाल उठाये थे। टीम ने 30 जुलाई 2020 को गृह विभाग को एक रिपोर्ट सौंपी, जिसमें लॉकडाउन के दौरान राज्य भर में शराब के स्टॉक की भारी मात्रा में अनधिकृत आवाजाही की ओर इशारा किया था।
नूंह हिंसा
31 जुलाई 2023 को नूंह (Nuh) में हिंसा शुरू हुई। इस दौरान 6 लोगों की मौत हो गई। साथ ही निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इस हिंसा की शुरुआत एक धार्मिक जुलूस के दौरान हुई एक घटना से हुई। इसके बाद हरियाणा की खट्टर सरकार (Khattar Government) ने हिंसा में कथित रूप से शामिल मुसलमानों के खिलाफ बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान चलाया। बाद में हाईकोर्ट ने इस अभियान पर रोक लगा दी थी।
Published : 5 October 2024, 9:38 AM IST
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