महराजगंज: भारत से नेपाल फिर शुरू हुई यूरिया की तस्करी, एसएसबी की पेट्रोलिंग टीम ने पकड़ी यूरिया सहित पिकअप

महराजगंज के भारत-नेपाल सीमा के नदी घाटों से हर साल की तरह सीजन आते ही तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं। खुलेआम धड़ल्ले से भारत से नेपाल यूरिया की तस्करी हो रही है। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज की पूरी रिपोर्ट

Updated : 24 July 2024, 3:32 PM IST
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महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा के नदी घाटों से हर साल की तरह सीजन आते ही तस्कर फिर सक्रिय हो गए हैं। खुलेआम धड़ल्ले से भारत से नेपाल यूरिया की तस्करी हो रही है। एसएसबी की पेट्रोलिंग टीम ने चौकी खैराघाट के पास टीम ने सीमा पर गश्त करते हुए पिकअप पर लदे 75 बोरी यूरिया को पकडा। अंधेरे का फायदा उठाते हुए तस्कर फरार हो गए।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता को मिली जानकारी के अनुसार एसएसबी की पेट्रोलिंग टीम गश्त पार्टी द्वारा पिकप पर यूरिया लादकर भारत से नेपाल सीमा के तरफ तेजी से जा रहे थे। गश्त पार्टी द्वारा उन्हें रुकने के लिए बोला गया।

गश्त पार्टी को देखते ही वे लोग पिकप पर लदी यूरिया छोड़कर नेपाल सीमा भाग गये। अग्रिम कार्यवाही हेतु उपरोक्त जब्त सामान को कस्टम ऑफिस नौतनवा जनपद महराजगंज को सुपुर्द किया गया।

पुलिसिया कार्यप्रणाली शक के घेरे में 
हर साल की तरह तस्कर सीजन शुरू होते ही तस्कर सक्रिय हो जाते है और बॉर्डर के आस-पास के दुकानों से सेटिंग कर कैरियर के माध्यम से खाद की ढुलाई करते हैं। कोल्हुई चौराहे पर पुलिस की निष्क्रियता का फायदा उठाते हुए खुलेआम कैरियर्स खाद को साइकिल या बाइक से गोदामों मे इक्ट्ठा करते है और फिर वहां से मौका देखकर नदी पार नेपाल भेज देते हैं।

चेकिंग हुई तो खुलेगी पोल
बड़ा सवाल ये है कि ये तस्कर इतनी बड़ी मात्रा में खाद यूरिया पाते कहां से है, जबकि दुकानों पर आधार कार्ड और किसान बही के आधार पर खाद देने का आदेश है। ये तस्कर बिना किसी काग़ज़ के दुकानों पर से बड़ी मात्रा मे खाद ढ़ोते हैं, अगर दुकानों के स्टॉक की सही से जांच कर इन पर लगाम लगाया जाए तो तस्करी काफी मात्रा में  कम हो जाएगी।

Published : 
  • 24 July 2024, 3:32 PM IST

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