एसडीएम सदर के आतंक से महराजगंज में भ्रष्टाचार ने तोड़े सारे रिकार्ड, जिम्मेदार मौन

शिवेंद्र चतुर्वेदी

'नीली बत्ती के नशे में चूर' और यूपी के बदनाम पीसीएस अफसरों में शामिल महराजगंज सदर के एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद के काले कारनामों से जिले की जमकर बदनामी पूरे प्रदेश में हो रही है। लोग अब सवाल पूछने लगे हैं कि आखिर जिले के जिम्मेदार बड़े अफसर क्यों इस मनबढ़ एसडीएम की रिश्वतखोरी पर कोई कार्यवाही नही कर रहे..कहीं भ्रष्टाचार के इस खेल में जिले के जिम्मेदार अफसर भी तो नही शामिल?


महराजगंज: लखनऊ में बैठकर सूबे के लोकप्रिय और ईमानदार सीएम योगी आदित्यनाथ कितने भी आदेश दे दें कि किसी भी भू-माफिया को न छोड़ा जाये..किसी भी सरकारी जमीन पर दबंग और गुंडे-माफिया कब्जा न कर सके ..कितने भी एंटी भू-माफिया पोर्टल बना दिये जाये..इन सबका जिले के सदर एसडीएम पर कोई असर पड़ने वाला नही।

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सीएम को सीधी चुनौती दी एसडीएम ने

सीएम के आदेशों को सीधी चुनौती देने की हिमाकत करने करने वाले इस एसडीएम को किसी का न तो डर है न ही परवाह। यही कारण है कि पनियरा ब्लाक के अनिल सिंह जैसे अनगिनत गरीब हैरान- परेशान हैं कि योगीराज में अफसरों की बल्ले-बल्ले है। अनिल सिंह घूसखोर उपजिलाधिकारी के दरवाजे पर महीनों से दौड़ते- दौड़ते परेशान हो गये कि दबंग और गुंडे-माफिया नवीन परती की खाली जमीन पर खुले आम कब्जा कर रहे हैं। दबंगों ने खाली जमीन देख मकान बनवा लिया और तो और पहले से 8 फीट का खड़जा लगा था..उसको भी उखाड़ दिया जब इसकी शिकायत एसडीएम से की जाती है तो वे पहले तो टालते हैं फिर रस्मअदायगी के तौर अपनी पेन चला देते हैं नतीजा कुछ नही निकलता क्योंकि सब मिले हैं भ्रष्टाचार का आतंक गरीबों के सिर चढ़कर बोल रहा है।

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कोई नही सुनने वाला गरीबों की

रमेश सिंह का कहना है कि जिले में गरीबों की कोई सुनवाई नही है.. हम सब हैरान हैं कि एसडीएम को जिले के बड़े अधिकारी क्यों संरक्षण दे रहे हैं। गरीबों और सरकारी जमीनो पर खुलेआम कब्जा किया जा रहा है। कोई रोकने-टोकने वाला नही है।

महराजंगज से झांसी तक एसडीएम के काले कारनामों की चर्चा

मजे की बात तो यह है कि महराजगंज से लेकर झांसी तक यह चर्चा जोरों पर है कि ज्ञानेश्वर प्रसाद जैसे अफसर जिस जिले में तैनात रहेंगे वहां पर 2019 में सत्तारुढ़ पार्टी की बैंड बजनी तय है। 

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एसडीएम की खुलेआम चुनौती- कोई कुछ नही बिगाड़ सकता मेरा

सबसे चौंकाने वाली बात तो ये है कि जब इस बदनाम उप जिलाधिकारी से लोग डाइनामाइट न्यूज़ की खबरों की चर्चा करते हैं तो यह खुलेआम कहते हैं खबर छपने से कुछ थोड़े ही बिगड़ेगा मेरा..जिले के बड़े और जिम्मेदार अफसर मेरे हर काम पर मुहर लगाते हैं इसलिए मुझे कोई चिंता नही भ्रष्टाचार की। मेरा कोई कुछ नही बिगाड़ सकता.. 21 फरवरी तक मतदाता पुनरीक्षण का काम चलेगा..मेरा तबादला कोई कर नही सकता और वैसे भी जिले में सिर्फ चार एसडीएम हैं..कोई मेरी सर्किल भी नही बदल सकता..जब तक चाहूंगा..मजे से नौकरी करुंगा यहां.. फिर जाउंगा झांसी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई देखूंगा और घर पर ही आराम से करुंगा नौकरी.. जिसे जो बिगाड़ना हो बिगाड़ ले..

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