जयपुर में पेपर लीक प्रकरण के आरोपी के अवैध निर्माण पर बुल्डोजर कार्रवाई जारी, जानिये पूरा मामला

जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रवर्तन शाखा ने हालिया पेपर लीक प्रकरण के एक आरोपी भूपेंद्र सारण के जयपुर स्थित मकान में किये गये अवैध निर्माण को तोड़ने का काम शनिवार को भी जारी रखा। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 14 January 2023, 6:00 PM IST
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जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रवर्तन शाखा ने हालिया पेपर लीक प्रकरण के एक आरोपी भूपेंद्र सारण के जयपुर स्थित मकान में किये गये अवैध निर्माण को तोड़ने का काम शनिवार को भी जारी रखा।

जेडीए अधिकरण द्वारा अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग वाली सारण की याचिका को खारिज करने के बाद अवैध निर्माण तोड़ने की कार्रवाई शुक्रवार शाम शुरू हुई थी।

जेडीए के मुख्य नियंत्रक-प्रवर्तन रघुवीर सैनी ने शनिवार को बताया कि उनकी टीमों ने अवैध निर्माण तोड़ने से पहले सारण के परिवार और रिश्तेदारों को घर से अपना सामान निकालने में मदद की। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण तोड़ने का काम आज सुबह शुरू हुआ और अब भी जारी है।

इससे पहले सोमवार को विंग ने उस पांच मंजिला इमारत को गिरा दिया था, जिसमें आरोपी अपना कोचिंग सेंटर चलाता था। इस भवन का निर्माण अवैध तरीके से किया गया था जिसके कारण इसे गिरा दिया गया।

वहीं, प्रवर्तन शाखा ने अजमेर रोड के रजनी विहार में 141 वर्ग गज के भूखंड पर बने सारण के मकान का निरीक्षण किया तो पाया कि आगे और पीछे के क्रमशः 15 फुट और 8.3 फुट के सेटबैक को कवर कर निर्माण किया गया था। चार मंजिला इमारत की ऊंचाई भी तय सीमा 8 मीटर से ज्यादा पाई गई। शाखा ने 11 जनवरी की शाम पांच बजे तक मकान के गेट पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया था।

आरोपी सारण की पत्नी ने जेडीए की कार्रवाई से राहत के लिए अधिकरण में याचिका दायर की थी। आरोपी पक्ष उच्च न्यायालय भी गया लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। अधिकरण ने शुक्रवार को याचिका खारिज करते हुए जेडीए की प्रवर्तन शाखा को अवैध अतिक्रमण को गिराने की मंजूरी दी। अधिकरण ने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कार्रवाई में वैध निर्माण को नुकसान न पहुंचे।

फैसला आते ही जेडीए की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी।

सैनी के अनुसार, साइट प्लान के अनुसार 15 फुट का आगे सेट बैक और 8.3 फुट का पीछे बैक सेट छोड़ा जाना था लेकिन उस जगह को मकान निर्माण में ही ले लिया गया। मकान की ऊंचाई भी अनुमत सीमा से अधिक है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस ने दिसंबर में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में अब तक 37 अभ्यर्थियों समेत कुल 55 लोगों को गिरफ्तार किया है। दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। इस मामले में एक स्कूल के प्रिंसिपल सुरेश बिश्नोई, एमबीबीएस छात्र भजनलाल और रायता राम चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी भूपेंद्र सारण व सुरेश ढाका अभी पकड़ से बाहर है।

Published : 
  • 14 January 2023, 6:00 PM IST

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