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शिमला: हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश का कहर जारी है। इस घटना में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मंडी और शिमला जिलों से चार शव मिलने के साथ ही तीन जिलों में बादल फटने के बाद हुए हादसों में मरने वालों संख्या बढ़कर 13 हो गई है। जबकि 40 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार अधिकारियों के अनुसार सेना, एनडीआरएफ, राज्य आपदा मोचन बल, आईटीबीपी, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और होमगार्ड के 410 कर्मी इस बचाव/खोज अभियान में शामिल हैं। 4 और जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। बचाव अभियान जोर-शोर से चल रहा है।

31 जुलाई की रात में कुल्लू के निरमंड, सैंज व मलाणा, मंडी जिले के पधर और शिमला के रामपुर उपखंड में बादल फटने की कई घटनाओं ने भारी तबाही मचायी थी। इन घटनाओं के बाद अब भी 40 से अधिक लोग लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि मंडी जिले में पधर के राजभान गांव से सोनम (23) और मानवी (तीन माह) के शव बरामद किये गये हैं।
शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बताया कि अभी इन दोनों शवों की शिनाख्त नहीं की जा सकी है। बचावकर्मियों ने और मशीनों, खोजी कुत्तों, ड्रोन एवं अन्य उपकरणों को लगाया तथा तलाश अभियान को तेज कर दिया है। बचाव अभियान के जारी रहने के बीच स्थानीय लोगों ने दावा किया कि शिमला और कुल्लू की सीमा पर स्थित तीन गांवों समेज, धारा शारदा और कुशवा में इस त्रासदी के बाद से बिजली नहीं है।
राज्य सरकार ने शुक्रवार को पीड़ितों के लिए 50,000 रुपये की तत्काल राहत की घोषणा की थी और कहा था कि उन्हें अगले तीन महीनों के लिए किराए के लिए 5,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे, साथ ही गैस, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी दी जाएंगी। 27 जून को मानसून के आगमन से लेकर तीन अगस्त तक हिमाचल प्रदेश को 662 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, बारिश से संबंधित घटनाओं में 79 लोगों की जान जा चुकी है।
Published : 5 August 2024, 9:21 AM IST
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