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महराजगंज: स्वास्थ्य विभाग में एक सीएचसी अधीक्षक द्वारा महिला स्वास्थ्य कार्यकत्री से कमीशन मांगने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता कार्यकत्री ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता रागिनी चौधरी स्वास्थ्य उपकेंद्र चैपरिया सरडिहा पर बतौर बीएचडब्ल्यू एफ एएनएम के पद पर कार्यरत है।
डाइनामाइट न्यूज से हुई बात-चीत में पीड़िता रागिनी चौधरी ने बताया कि प्रतिमाह मेरा टीबीआई का फंड 1500 रूपए प्रतिमाह के हिसाब से वार्षिक 18000 रूपए मेरे खाते में आता है। वर्ष 2020-21 में सात हजार रूपए खाते में भेजे गए। जबकि वर्ष 2021-22 में 10 हजार, व 2022-23 में 16000 खाते में आए हैं।
इसको लेकर अब अधीक्षक के0 पी0 सिंह व बीएएम फिरोज आलम हमसे कमीशन की मांग कर रहे हैं। जब पीड़िता ने कमीशन देने से इंकार कर दिया तो वर्ष 2023-24 में टीबीआई का कम फंड खाते में भेजने की धमकी दे रहे हैं।

यही नहीं प्रार्थिनी को वर्ष 2023-2024 में टीबीआई का फंड मात्र 6200 रूपए ही भेजा गया। पता करने पर मालूम हुआ कि कमीशन देने के बाद ही पूरा पैसा भेजा जाएगा। इस संबंध में पीडिता रागिनी चौधरी ने सारी समस्या अपने पति गिरिजेश प्रसाद से बताई।
जिस पर गिरिजेश अधीक्षक से बात करने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज पहुंचे। गिरिजेश ने बताया कि अधीक्षक के0 पी0 सिंह व अन्य लोगों ने मेरे साथ अभद्रता की। जिसकी शिकायत मैंने जिलाधिकारी से की है।
16 वर्ष से तैनात हैं एएनएम
एएनएम रागिनी चौधरी ने बताया कि मैं सोलह वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हूं। वर्ष 2014 में मेरी तैनाती सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज पर हुई।
सभी एएनएम से कमीशन लिया जा रहा है। जब मैंने नहीं दिया तो इस बार मुझे टीबीआई का केवल 6200 रूपए ही भेजा गया। इसकी शिकायत डीएम से की गई है।
Published : 21 April 2024, 4:53 PM IST
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