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देश के कई राज्यों में रियल इस्टेट और इस्पात के धंधे में लिप्त गैलेंट ग्रुप पर तीन दिन से चल रही छापेमारी में अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी को आयकर विभाग के अफसरों ने पकड़ा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि टैक्स चोरी का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ेगा। अब तक 250 से अधिक संपत्तियों के कागजात और इलेक्ट्रानिक डिवाइसेस जब्त किये गये है। जानिये इस छापेमारी का हर बड़ा अपडेट डाइनामाइट न्यूज़ पर
नई दिल्ली/अहमदाबाद/लखनऊ : गोरखपुर की गैलेंट इस्पात लिमिडेट और गैलेंट ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज की देश भर में फैली तमाम कंपनियों के खिलाफ आयकर विभाग की देशव्यापी छापेमारी लगातार तीसरे दिन भी जारी है। अकेले यूपी में 200 से अधिक अफसरों की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे वैसे गैलेंट ग्रुप के काला साम्राज्य का खुलासा होता जा रहा है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गैलेंट इस्पात लिमिटेड (Gallantt Ispat Limited) कहने को सरिया निर्माण के क्षेत्र में कारोबार करता है लेकिन इसका असली कारोबार रियल इस्टेट का है।
500 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी गयी
देश भर में 60 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी चल रही है जिसमें 500 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी जा चुकी है। इसके साथ 16 करोड़ रुपये की नकदी और आभूषण बरामद किए जा चुके हैं। इनमें 6 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद और 10 करोड़ के जेवरात शामिल हैं। अब तक 250 से अधिक संपत्तियों के कागजात जब्त किये जा चुके हैं। जिनमें से कई संपत्तियां बेनामी हैं। टैक्स चोरी का यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है और काली कमाई के राज परत दर परत खुलते जा रहे हैं। छापेमारी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, दिल्ली व बिहार के ठिकानों पर चल रही है। गोरखपुर में गैलेंट के बैंक रोड स्थित कार्यालय, गीडा स्थित फैक्ट्री और बरगदवा इलाके में स्थित आवास पर रेड चल रही है।
हवाला कनेक्शन का भंडाफोड़
चंद सालों में कैसे गैलेंट समूह के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू बाबू (Chandra Prakash Agarwal) ने अपने कारोबार को आसमान की ऊंचाईयों तक पहुंचा डाला, इसकी जड़ को जब इंकम टैक्स (Income tax) के अफसरों ने खंगाला को हर किसी के होश उड़ गये। जांच में हवाला कनेक्शन निकलकर सामने आया है। कंपनी के कर्ता-धर्ताओं के जब्त मोबाइल फोनों के वॉट्सऐप चैट से हवाला ट्रांजेक्शन करने का खुलासा हुआ है।
यूपी के सफेदपोश नौकरशाहों के निवेश
गैलेंट समूह के रियल इस्टेट कारोबार की बेनामी संपत्तियों में यूपी के कई चर्चित ब्यूरोक्रेट्स के पैसे लगे होने के भी सबूत इंकम टैक्स के अफसरों को मिले हैं। खबर है कि WhastsApp चैट में कई सफेदपोशों के नोटों के नंबर की डिटेल्स मिली है। जिसे कोड बना हवाला के जरिये अवैध पैसों का लेन-देन किया गया।
Gallantt IT Raid: देश के कई राज्यों में रियल इस्टेट और स्टील कारोबारी गैलेंट ग्रुप पर तीन दिन से चल रही छापेमारी में अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी को आयकर विभाग के अफसरों ने पकड़ा, हवाला कनेक्शन का भंडाफोड़, यूपी के कई ब्यूरोक्रेट्स की काली कमाई लगी है गैलेंट ग्रुप… pic.twitter.com/83F7GwfiAo
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) April 28, 2023
चर्चित ब्यूरोक्रेट्स आये आईटी के राडार पर
WhastsApp चैट तथा कॉल डिटेल्स में जिन चर्चित ब्यूरोक्रेट्स के पैसे लगे होने के सबूत मिले हैं उनके खिलाफ शिकंजा कसने की विभाग ने तैयारी कर ली है। इनके बारे में और अधिक गहराई से छानबीन की जा रही है। इस बीच यह भी खबर है कि इन सफेदपोश नौकरशाहों ने पर्दे के पीछे से गैलेंट ग्रुप को बचाने का खेल भी शुरु कर दिया है।
ईडी की भी हो सकती है एंट्री
सूत्रों ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि आयकर विभाग के अफसरों ने जब रेड शुरु की तो उन्हें यह आशंका ही नहीं थी कि इतने बड़े पैमाने पर काले धन के निवेश का यहां राजफाश होगा। ऐसे में यह चर्चा जोरों पर है कि जब यह रेड समाप्त होगी तो गैलेंट ग्रुप के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल व इनके संरक्षणदाता नौकरशाहों पर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) अपना शिकंजा कस सकती है। इसके पहले पुख्ता सबूत इकट्ठे किये जा रहे हैं।
चंद सालों में यूं रफ्तार पकड़ी काले साम्राज्य ने
डाइनामाइट न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक गैलेंट समूह से जुड़े लोग ऐसी बेशकीमतों जमीनों की तलाश में रहते थे जो विवादित हो। पहले दबाव डाल ऐसी जमीनों को सस्ते दामों पर खरीदा जाता फिर बिल्डरों और अफसरों के गठजोड़ के जरिये कंपनी के लिए लाभ के सौदे में इन्हें तब्दील किया जाता। सूत्रों का कहना है कि कंपनी के संचालकों ने रियल एस्टेट (Real Estate) में निवेश करके काफी बेनामी संपत्ति बनाई और टैक्स चोरी की।
गैलेंट समूह ने अब तक नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
इन छापेमारी के बारे में डाइनामाइट न्यूज़ ने कई बार गैलेंट समूह के संचालकों से उनका पक्ष जानने की कोशिश की लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
आधिकारिक विवरण का इंतजार
आयकर विभाग को अब तक की छापेमारी में क्या-क्या हासिल हुआ इस बारे में विभाग का आधिकारिक बयान आना बाकी है। उम्मीद की जा रही है कि जब छापेमारी की कार्यवाही पूरी हो जायेगी तब विभाग आधिकारिक बयान जारी कर सकता है।
Published : 28 April 2023, 2:03 PM IST
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