गोरखपुर: नाबालिग गोलीकांड में गैलेंट इस्पात के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल को क्यों बचा रही है पुलिस?

शिवेंद्र चतुर्वेदी

सरकार चाहे बसपा की हो या सपा की अथवा भाजपा की। गोरखपुर जिले में तैनात अफसर गैलेंट इस्पाल लिमिटेड के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू के खिलाफ कोई कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, भले ही किसी को गोली मार दी जाये? ताजा मामला सोमवार को हुए नाबालिग गोलीकांड से जुड़ा है। आखिर क्यों गोरखपुर पुलिस चंदू अग्रवाल को बचाने में आमादा है? डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी पड़ताल:

बायें  ट्रैक्टर पर बैठा गार्ड संदीप और दायें गैलेंट इस्पात के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल
बायें ट्रैक्टर पर बैठा गार्ड संदीप और दायें गैलेंट इस्पात के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल

गोरखपुर: सोमवार की शाम करीब 4.45 बजे खेल के दौरान क्रिकेट की गेंद तलाशने के लिए गैलेंट इस्पात लिमिटेड के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू के पुराने कारखाने की बाउंड्री के अंदर 16 वर्षीय नाबालिग लड़का अरविंद चौहान गलती से घुस गया फिर क्या अपने साहब की रसूख की आग में तप रहे निजी सुरक्षा गार्ड संदीप कुमार सिंह ने न आव देखा न ताव सीधे अपनी दोनाली बंदूक से नाबालिग लड़के के सिर में गोली दाग दी। अब लड़का जीवन व मौत के बीच झूल रहा है। उसकी एक आंख की रोशनी गायब हो गयी है।

गोलीकांड के बाद भारी हंगामा, घेरा चंदू का घर
गरीब दिव्यांग पिता के बुढ़ापे के सहारे नाबालिग लड़के को गोली मारने की खबर जैसी ही फैली आस-पास के लोगों ने चंदू का घर और पुराना कारखाना घेर लिया, फिर पुलिस का मैनेज खेल शुरु हुआ। आईजी रेंज अपने घर आराम फरमाते रहे। सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह मौके पर पहुंचे और चंदू को बचाने का हर जतन प्रयास करते रहे। (देखें वीडियो)

पिता का आरोप चंदू के कहने पर गार्ड ने चलायी गोली, फिर भी एफआईआर में नाम नहीं?
सरेआम अरविंद के पिता संतराज ने कहा कि उसके लड़के को गैलेंट इस्पाल लिमिटेड के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू के ललकारने पर गार्ड ने गोली मारी लेकिन गोरखपुर पुलिस ने न जाने किस दबाव में एफआईआर में चंदू को आरोपी नही बनाया? यही से पुलिस की मंशा पर सवाल उठने शुरु हो गये हैं। पीड़ित पक्ष का आऱोप है कि पुलिस ने चंदू के नाम वाली तहरीर नहीं ली और कहा कि ये एफआईआर दर्ज नही होगी दूसरी एफआईआर लिखकर दो। फिर बिना चंदू के नाम वाली तहरीर दर्ज की गयी ताकि चंदू को साफ-साफ बचा लिया जाये। क्या ये उचित नहीं होता कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से एफआईआऱ पंजीकृत करती फिर जांच में सामने आता उस हिसाब से कार्यवाही करती।

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तीन दिन बाद भी गार्ड की गिरफ्तारी क्यों नही?
गोरखपुर पुलिस लगातार दावा कर रही है कि हमने आरोपी गार्ड की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगा रही हैं लेकिन हकीकत ये है कि तीन दिन बीतने को हैं लेकिन आज तक गार्ड की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है।

पुलिस और चंदू की भाषा एक!
आखिर क्या कारण है कि घटना के बाद से ही संदेह के दायरे में आये व्यापारी चंदू अग्रवाल गोली चलाने के बारे में जो तर्क दे रहे हैं उसमें औऱ पुलिस की थ्योरी में समानता है? य़ह नये संदेह को जन्म देती है? आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति थी जिससे गोली चलाने के तर्क को सही माना जा सकता है?

सीसीटीवी की जांच क्यों नही? 
मौके पर मौजूद लोग सवाल उठा रहे हैं कि कैसे पुलिस ने ये बिना किसी जांच के चंद मिनटों के अंदर यह मान लिया कि मौके पर चंदू मौजूद नहीं थे? क्या सीसीटीवी की जांच की गयी? जिस तरह से पुलिस और मौके पर मौजूद सीओ प्रवीण सिंह, संदेह के घेरे में आय़े चंदू की भाषा बोल रहे हैं उससे इस बात पर कैसे भरोसा किया जाय कि चंदू की सीसीटीवी की जांच में पुलिस क्लिन चिट नहीं दे देगी?

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क्या कर रहे हैं आईजी
लोगों का सवाल है कि आखिर सीओ जैसे अफसर धनवान चंदू को बचाने में जुटे हैं तो आईजी स्तर के अफसर क्या कर रहे हैं? क्या उनकी कोई जिम्मेदारी नही है? क्या उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया? क्या पीड़ित पक्ष के आऱोंपों पर एसएसपी से कोई रिपोर्ट तलब की? आईजी ने अपने स्तर से इस हाई-प्रोफाइल मामले का पर्यवेक्षण किया भी या नही? क्यों नही वे इस बारे में मीडिया को कोई जानकारी दे रहे हैं?

गरीबों की कोई सुनवाई नहीं? अब तक क्यों नहीं हुई चंदू से पूछताछ?
समरथ को नहीं दोष गोसाईं की कहावत पर गोरखपुर पुलिस खरी उतरने का भरपूर प्रयास कर रही है पहले तो एफआईआर में चंदू का नाम दर्ज नहीं करने दिया और अब पूछताछ करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है? आखिर क्यों? क्या अमीरों के आगे पुलिस ने घुटने टेक दिये हैं? यदि वाकई ऐसा है तो फिर गरीबों को भला न्याय मिलेगा कैसे? 

बाउंड्री पर चढ़ने की बात झूठी!
स्थानीय लोगों ने डाइनामाइट न्यूज़ को बताया कि चंदू अपने बचाव में झूठा तर्क दे रहे हैं कि गार्ड ने गोली इसलिए चलायी क्योंकि अरविंद बाउंड्री पर चढ़ा था, हकीकत में चंदू के मकान की चहारदीवारी के ऊपर बिजली के करंट वाले तार दौड़ाये गये हैं जिससे कोई भी बाउंड्री पर चढ़ ही नही सकता?

ये कहना है एसएसपी का
एसएसपी डा. सुनील गुप्ता का कहना है कि आरोपित सुरक्षा गार्ड संदीप कुमार सिंह की तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी हुई हैं और वारदात में इस्तेमाल दुनाली बंदूक और कारतूस को जब्त कर लिया गया है। 

बायें गोली लगने से पहले अरविंद की फाइल फोटो और दायें गोली लगने के बाद नाबालिग

क्या कहना है संदेह के घेरे में आये चंदू अग्रवाल का
गैलेंट इस्पात के मालिक चंद्र प्रकाश अग्रवाल का कहना है कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे अपने खर्च पर इलाज करा रहे उनके आवास ‘गैलेंट हाउस’ की दीवार काटकर व फांदकर कुछ लोग अवैध तरीके से घुस आए थे। उन्हें भगाने व बाहर करने के क्रम में गार्ड से संघर्ष हुआ। गार्ड ने हवाई फायरिंग की लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से गोली लग गई।

क्या है हकीकत
जब डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता ने घटना स्थल का मुआय़ना किया तो चंदू का झूठ सामने आ गया। मौके पर कहीं से दीवार काटने जैसी चीज नही दिखी। तो क्या चंदू अपने बचाव में गरीबों पर दोष मढ़ दीवार काटने जैसी झूठा तर्क दे रहे हैं?

कैसे मिलेगा न्याय जब पुलिस ही है मददगार
सबसे बड़ा सवाल लोग एक-दूसरे से यही पूछ रहे हैं कि जब पुलिस ही चंदू को बचाने में जुटी हुई है तो फिर कैसे इस मामले में गरीब अरविंद को न्याय मिलेगा?

दर्ज एफआईआर का पहला पन्ना
दर्ज एफआईआर का दूसरा पन्ना

एफआईआर में क्या है पर्याप्त धारायें?

डाइनामाइट न्यूज़ को मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में चाइल्ड प्रोटेक्शन एक्ट की धारायें नहीं जोड़ी हैं, यह मामला अब तूल पकड़ रहा है। मानव अधिकार आय़ोग से लेकर बाल अधिकार संरक्षण आय़ोग तक की दहलीज पर ये मामला पहुंच रहा है। जिससे पुलिस की कलई खुलेगी। पुलिस ने इस मामले में सिर्फ गार्ड संदीप के खिलाफ पीड़ित के पिता संतराज चौहान की तहरीर पर गोरखनाथ थाने में मुकदमा अपराध संख्या 267/2019 अंतर्गत धारा 307 पंजीकृत किया है। 

इस बंदूक (लाल घेरे में) से मारी गयी गोली

सीबीआई जांच की मांग

कई स्वयंसेवी संगठन इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं और इसे लेकर कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं कि कैसे सत्ता के संरक्षण में पुलिस वाले साफ-साफ चंदू अग्रवाल को बचाने का षड़यंत्र रच रहे हैं। 

आईजी जय नारायण सिंह का बयान

इस सारे मामले पर जब गोरखपुर के आईजी जय नारायण सिंह से डाइनामाइट न्यूज़ ने बात की तो उन्होंने कहा कि वे लखनऊ जा रहे हैं। इस मामले में शीघ्र ही गोली मारने वाले गार्ड की गिरफ्तारी होगी। 
 

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