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नई दिल्ली: देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था की गिरती हालत पर चिंता व्यक्त करते हुए एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने बताया कि पिछली तिमाही में विकास दर 5 फीसदी थी। जिससे पता चलता है अर्थव्यवस्था की रफ्तार बेहद सुस्त है। भारत में बहुत तेज गति से बढ़ने की क्षमता है लेकिन मोदी सरकार के कुप्रबंधन के कारण मंदी झेलनी पड़ रही है।
मनमोहन सिंह ने कहा कि अर्थव्यवस्था अब तक नोटबंदी और जीएसटी जैसे मानवीय कुप्रबंधन से उबर नहीं पाई है। पूर्व पीएम ने कहा कि घरेलू मांग में निराशा साफ नजर आ रही है और घरेलू खपत में वृद्धि 18 महीने के सबसे निचले स्तर पर है। Nominal GDP 15 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। आर्थिक वृद्धि दर 2019-20 की अप्रैल-जून तिमाही में घटकर पांच प्रतिशत रह गयी।
नौकरियों के अवसर पैदा न होने पर भी मनमोहन सिंह ने Modi Government को जमकर घेरा। ऑटोमोबाइल सेक्टर में साढ़े तीन लाख नौकरियां जा चुकी हैं। इसी तरह असंगठित क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर लोग नौकरियां खो रहे हैं।
हालांकि भातरीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष की पहली छमाही में GDP वृद्धि दर के 5.8 प्रतिशत से 6.6 प्रतिशत और दूसरी छमाही में 7.3 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के दायरे में रहने का अनुमान जताया है।
Published : 1 September 2019, 11:20 AM IST
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